Uttarakhand: विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए समाज कल्याण की योजनाओं को पारदर्शी बनाएं अधिकारी

देहरादून। उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बुधवार को विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात यह उनकी पहली औपचारिक विभागीय बैठक थी, जिसमें उन्होंने विभाग की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समाज कल्याण से जुड़ी समस्त योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने के लिए एक ठोस रूपरेखा तैयार की जाए।

बैठक को संबोधित करते हुए खजान दास ने कहा कि समाज कल्याण विभाग सीधे तौर पर आम जनमानस की आवश्यकताओं और उनकी प्रगति से जुड़ा हुआ है। यह एक ऐसा महत्वपूर्ण विभाग है, जिसकी कार्यक्षमता का सीधा असर समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन स्तर पर पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विभाग की हर योजना का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति का सर्वांगीण विकास होना चाहिए। इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभाग की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करें और उनकी क्रियान्वयन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक खाका तैयार करें।

समीक्षा के दौरान समाज कल्याण मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत वर्ष 2047’ के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के इस बड़े संकल्प को साकार करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सपनों के उत्तराखंड को आगे बढ़ाने के लिए विभाग को अपनी कार्यशैली में पूर्ण पारदर्शिता लानी होगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करें ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के मिल सके।

खजान दास ने आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बहुत जल्द मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में समाज कल्याण से जुड़े हुए प्रदेश के समस्त विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, ताकि विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके और विकास की गति को तेज किया जा सके।

इस समीक्षा बैठक में अपर सचिव समाज कल्याण प्रकाश चन्द्र, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे समय-समय पर योजनाओं की जमीनी हकीकत का निरीक्षण करें और यदि कहीं कोई तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आ रही है, तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों और पारदर्शी कार्यप्रणाली से उत्तराखंड का समाज कल्याण विभाग राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

 

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