नई दिल्ली। ईरान के साथ चल रहे अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की चर्चाएं तेज हो गई थीं। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को इन सभी अटकलों और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारत में लॉकडाउन को लेकर फैलाई जा रही खबरें झूठी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी संवेदनशील स्थिति में अफवाहें फैलाना और जनता के बीच घबराहट पैदा करना अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदेह है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारतीयों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।
वैश्विक बाजार की स्थिति पर चर्चा करते हुए पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर करीब 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इस भारी उछाल के कारण दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। दक्षिण-पूर्व एशियाई और अफ्रीकी देशों में कीमतें 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका में भी 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
भारत सरकार ने इस संकटपूर्ण समय में अपने नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता से बचाने का प्रयास किया है। सरकार ने राजस्व पर बड़ा बोझ उठाते हुए तेल कंपनियों को होने वाले भारी नुकसान को कम करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार वित्तीय भार उठा रही है। इसके अतिरिक्त, बढ़ती कीमतों को देखते हुए निर्यात कर भी लगाया गया है।
जैसे-जैसे इजरायल-ईरान युद्ध अपने पांचवें सप्ताह की ओर बढ़ रहा है, वैश्विक स्थितियां अनिश्चित बनी हुई हैं। हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, सरकार ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़े हर घटनाक्रम पर वास्तविक समय (रियल टाइम) के आधार पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों का बोझ डाले बिना देश की अर्थव्यवस्था और आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना है। जनता से अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें।
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