शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने आगामी 23 मार्च को मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, यह बैठक सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे आयोजित की जाएगी। हालांकि, इस बैठक के बजट पेश होने से पहले आयोजित होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब यह बजट सत्र के बीच में होने जा रही है। इस बैठक में राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारने और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई कड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।
कैबिनेट की इस बैठक का एक प्रमुख एजेंडा सरकारी खर्चों में कटौती यानी मितव्ययिता बरतना हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार अधिकारियों को मिल रही कुछ विशेष सुविधाओं को वापस लेने या उनमें कटौती करने का प्रस्ताव ला सकती है। इसके अलावा, विधायकों के लिए आवंटित होने वाली ‘विधायक क्षेत्र विकास निधि’ पर भी सरकार को अंतिम फैसला लेना है। गौरतलब है कि इस निधि की दो किस्तें अभी तक जारी नहीं की गई हैं, जिस पर सरकार वित्तीय स्थिति को देखते हुए कोई बड़ा निर्णय ले सकती है।
हाल ही में सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कड़े कदम उठाते हुए कैबिनेट रैंक वापस लेने के संबंध में आदेश जारी किए थे। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार फिजूलखर्ची रोकने के लिए गंभीर है और आगामी बजट में भी ऐसे कदमों की स्पष्ट झलक देखने को मिल सकती है। बैठक में प्रशासनिक खर्चों को कम करने और संसाधनों के उचित प्रबंधन पर मंत्रियों के बीच विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
विधायी कार्यों की दृष्टि से भी यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। विधानसभा के चालू सत्र के दौरान सदन के पटल पर रखे जाने वाले विभिन्न विधेयकों के प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इन विधेयकों पर चर्चा के बाद ही इन्हें कानूनी रूप देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
शिक्षित युवाओं के लिए भी इस बैठक से बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए नई भर्तियों के प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखे जा सकते हैं। इन भर्तियों को राज्य चयन आयोग के माध्यम से पूरा करने की योजना है। साथ ही, कर्मचारियों के हितों से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण मसलों पर भी विचार हो सकता है। विशेष रूप से कर्मचारियों की कुछ श्रेणियों को ‘स्टेट काडर’ में शामिल करने पर चर्चा चल रही है। जूनियर इंजीनियर और जेओए आईटी जैसे पदों के संबंध में सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है, अब अन्य संवर्गों को लेकर भी नीतिगत फैसला संभव है। कुल मिलाकर, 23 मार्च की यह बैठक हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक और वित्तीय दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।