Uttarakhand: उत्तराखंड में हवाई और सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार केंद्र सरकार ने दी बड़ी सौगात

देहरादून। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार को केंद्र से बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। पहली बड़ी सौगात हवाई सेवाओं से जुड़ी है, जिसके तहत देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के अंतर्गत विमान सेवाएं जल्द शुरू होने वाली हैं। दूसरी राहत सड़क नेटवर्क को लेकर है, जिसमें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत चल रहे कार्यों को पूरा करने की समय सीमा मार्च 2027 तक बढ़ा दी गई है। इन दोनों फैसलों से उत्तराखंड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवाजाही सुगम होगी और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच हवाई सफर का सपना होगा साकार
पर्वतीय जिले पिथौरागढ़ को राज्य की राजधानी देहरादून से सीधे हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना अब धरातल पर उतरने के करीब है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है। केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में बताया कि देहरादून से पिथौरागढ़ के बीच क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत विमानों के संचालन के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

इस मार्ग पर हवाई सेवा संचालित करने के लिए मैसर्स स्काईहॉप एविएशन प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान में यह कंपनी तकनीकी और नियामक औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी है। जैसे ही ये औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, कंपनी द्वारा नियमित उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार इस रूट पर स्थायी और प्रतिस्पर्धी हवाई सेवा सुनिश्चित करने के लिए अन्य प्रमुख विमानन कंपनियों से भी बातचीत कर रही है और उन्हें इस मार्ग पर सेवाएं देने के लिए पत्र लिखे जा रहे हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले लंबे समय से इस हवाई सेवा को सुदृढ़ करने की वकालत कर रहे थे। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के लोगों को राजधानी पहुंचने में लगने वाले 10 से 12 घंटे के समय को कम करना अनिवार्य है। हवाई सेवा शुरू होने से यह सफर मात्र एक घंटे से भी कम समय में पूरा हो सकेगा, जो आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन की दृष्टि से भी मील का पत्थर साबित होगा।

पीएमजीएसवाई की सड़कों के लिए मिला अतिरिक्त समय
हवाई सेवाओं के साथ-साथ सड़क नेटवर्क के क्षेत्र में भी उत्तराखंड को बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में जानकारी दी है कि केंद्र सरकार ने राज्य में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के विभिन्न चरणों के कार्यों को पूरा करने की अवधि बढ़ा दी है।

नए आदेशों के अनुसार, पीएमजीएसवाई के प्रथम चरण के अवशेष भुगतानों के साथ-साथ योजना के दूसरे और तीसरे चरण के तहत चल रहे निर्माण कार्यों को पूरा करने की समय सीमा अब मार्च 2027 तक विस्तारित कर दी गई है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय है, क्योंकि यहाँ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, भारी मानसून और सर्दियों में बर्फबारी के कारण निर्माण कार्य अक्सर बाधित होते हैं। समय सीमा बढ़ने से लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां अब बिना किसी वित्तीय दबाव के गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित कर सकेंगी। इससे राज्य के उन सैकड़ों गांवों को लाभ मिलेगा जहाँ अभी भी बारहमासी सड़कों का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।

सीमांत विकास और पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
इन दोनों घोषणाओं पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य सीमांत क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक विकास की मुख्यधारा को पहुँचाना है।

पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि पिथौरागढ़ और देहरादून के बीच नियमित हवाई सेवा शुरू होने से न केवल स्थानीय निवासियों को सुविधा होगी, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को भी नए पंख लगेंगे। उन्होंने कहा कि “सम्पर्क” ही विकास की पहली सीढ़ी है और केंद्र के सहयोग से राज्य में हवाई और सड़क सम्पर्क को जिस तरह मजबूती मिल रही है, उससे ‘विकसित उत्तराखंड’ का संकल्प तेजी से पूरा होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार केवल पिथौरागढ़ ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की एयर कनेक्टिविटी और सड़कों का जाल बिछाने के लिए प्रयासरत है। केंद्र सरकार की ओर से मिली यह राहत दर्शाती है कि उत्तराखंड की सामरिक और भौगोलिक चुनौतियों को दिल्ली में भी गंभीरता से समझा जा रहा है। आने वाले महीनों में जब स्काईहॉप एविएशन की उड़ानें पिथौरागढ़ की वादियों में उतरेंगी, तो यह उत्तराखंड के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय होगा। फिलहाल, शासन स्तर पर इन दोनों योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय कर दिया गया है।

 

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