पटियाला। पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को विश्व स्तरीय बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार सुबह पटियाला जिले के भादसों स्थित ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का औचक निरीक्षण किया। यह दौरा राज्य में चल रही ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ के तहत सरकारी स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता को व्यक्तिगत रूप से परखने के उद्देश्य से किया गया था। भगवंत मान सरकार के विजन को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा मंत्री ने स्कूल परिसर का विस्तृत दौरा किया और छात्रों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझा।
निरीक्षण के दौरान हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल में चल रहे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन 90 लाख रुपये के अत्याधुनिक इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का विशेष रूप से निरीक्षण किया। इस परिसर में दो कबड्डी मैट और एक कुश्ती मैट की सुविधा उपलब्ध होगी, जिसमें लगभग 2,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के बौद्धिक और शारीरिक विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार के लिए शिक्षा का क्षेत्र सबसे ऊपर है। उन्होंने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि ये केवल शिक्षण संस्थान नहीं हैं, बल्कि भविष्य के लीडर्स और प्रोफेशनल्स को तैयार करने वाले आधुनिक केंद्र हैं। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि आज पंजाब में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां निजी स्कूलों को छोड़कर छात्र सरकारी स्कूलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बैंस ने भरोसा दिलाया कि शिक्षा के विकास के लिए बजट और फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, क्योंकि छात्रों के भविष्य में निवेश करना ही पंजाब और पूरे देश के सुरक्षित भविष्य की नींव रखना है।
स्कूल की प्रिंसिपल प्रीतिंदर घई ने शिक्षा मंत्री को अवगत कराया कि इस शैक्षणिक वर्ष में स्कूल में दाखिलों में 11 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 200 से अधिक छात्र निजी स्कूलों को छोड़कर इस स्कूल ऑफ एमिनेंस का हिस्सा बने हैं, जो सरकारी शिक्षा तंत्र पर अभिभावकों के बढ़ते भरोसे का प्रतीक है। इसके अलावा, स्कूल की छह बसों के माध्यम से वर्तमान में 400 से अधिक छात्र सुगम परिवहन सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। शिक्षा मंत्री ने स्कूल प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की और शिक्षकों को इसी समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। इस औचक निरीक्षण से विभाग के अधिकारियों और स्कूल स्टाफ में भी सक्रियता देखने को मिली।
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