Himachal: मैक्लोडगंज में चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद जासूसी के शक में जांच का दायरा बढ़ा – The Hill News

Himachal: मैक्लोडगंज में चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद जासूसी के शक में जांच का दायरा बढ़ा

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज में बिना किसी वैध दस्तावेज के रह रहे एक चीनी नागरिक की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मशाला न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल चिंताजनक हैं बल्कि इस पूरे मामले को जासूसी के बड़े नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि एक पूर्व चीनी पुलिसकर्मी का इस संवेदनशील इलाके में बिना दस्तावेजों के रहने का असली मकसद क्या था।

पूछताछ के दौरान यह बड़ा खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किया गया चीनी नागरिक पहले चीनी पुलिस सेवा का हिस्सा रह चुका है। उसकी पृष्ठभूमि और भारत आने से पहले की उसकी यात्राओं के विवरण ने जांच को और अधिक जटिल बना दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत में प्रवेश करने से पहले इस व्यक्ति ने मलयेशिया, इंडोनेशिया, अजरबैजान, तुर्की, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मिस्र जैसे कई देशों की यात्रा की थी। इन देशों का भ्रमण करने के बाद उसने भारत में घुसपैठ करने के लिए नेपाल सीमा का सहारा लिया और अवैध तरीके से भारतीय सीमा में दाखिल हुआ। खुफिया एजेंसियां अब इस बात की कड़ियों को जोड़ रही हैं कि क्या इन देशों की यात्रा के पीछे कोई विशेष पैटर्न या कोई बड़ा गुप्त मिशन छिपा हुआ है।

अब यह मामला केवल अवैध प्रवास या पासपोर्ट नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं रह गया है। सुरक्षा एजेंसियां इसे जासूसी और स्थानीय लापरवाही के दृष्टिकोण से भी देख रही हैं। हिमाचल प्रदेश पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के पास से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सघन जांच कर रही हैं। आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है ताकि उसके द्वारा हटाए गए संदेशों, कॉल रिकॉर्ड और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री का पता लगाया जा सके। एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आरोपी चीन में अपने किन आकाओं के संपर्क में था और क्या उसने दलाई लामा के निवास या तिब्बती निर्वासित सरकार से जुड़ी कोई गुप्त सूचना साझा की है। मैक्लोडगंज का इलाका सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसे में किसी पूर्व चीनी पुलिसकर्मी की मौजूदगी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

इस मामले में स्थानीय स्तर पर हुई लापरवाही को लेकर भी पुलिस सख्त रुख अपना रही है। मैक्लोडगंज स्थित जिस भवन में यह चीनी नागरिक रह रहा था, उसके मालिक से भी लंबी पूछताछ की गई है। जांच में यह सामने आया है कि भवन मालिक ने विदेशी नागरिक को किराये पर रखते समय नियमों की पूरी तरह अनदेखी की। उसने न तो स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी और न ही विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) को सूचित किया। नियमानुसार किसी भी विदेशी नागरिक को पनाह देने से पहले सी-फॉर्म भरना अनिवार्य होता है, जिसे इस मामले में नजरअंदाज किया गया। इस लापरवाही के लिए पुलिस ने भवन मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भारत में विदेशी नागरिकों को ठहराने के कड़े नियम हैं, जिनका पालन करना हर भारतीय नागरिक और होटल संचालक का कर्तव्य है। विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 और विदेशी नागरिक पंजीकरण नियम 1992 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक के आगमन के 24 घंटे के भीतर सी-फॉर्म के माध्यम से स्थानीय पुलिस या एफआरआरओ को ऑनलाइन जानकारी देना अनिवार्य है। इस फॉर्म में विदेशी नागरिक का पासपोर्ट नंबर, वीजा विवरण और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां दर्ज की जाती हैं ताकि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे भारी जुर्माने के साथ-साथ अधिकतम पांच वर्ष की कैद की सजा भी हो सकती है। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध प्रवास को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक मानी जाती है।

कांगड़ा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अवैध दस्तावेजों के साथ पकड़े गए चीनी नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। न्यायालय से तीन दिन की रिमांड मिलने के बाद अब हिमाचल पुलिस के साथ केंद्रीय जांच एजेंसियां भी संयुक्त रूप से पूछताछ कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बीर बहादुर ने यह भी कहा कि जिन स्थानीय लोगों ने बिना सूचना दिए विदेशी नागरिक को अपने घर में रखा, उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है और अन्य संदिग्धों की भी तलाश की जा रही है ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को टाला जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान अब आरोपी के डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालने पर टिका है ताकि इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।

 

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