चंडीगढ़
पंजाब में शहरी बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राज्य के सबसे बड़े शहरी केंद्र साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) में सड़कों के कायाकल्प के लिए ‘नेक्स्ट जनरेशन रोड रेनोवेशन प्रोग्राम’ शुरू किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों का तेजी से उन्नयन करना है, ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके और स्थानीय निवासियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।
चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि सरकार राज्य भर में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रमुख राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों के सुधार के बाद अब सरकार का ध्यान मोहाली को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहर में तब्दील करने पर है। शहर के मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए यह विशेष कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके तहत गमाडा (GMADA) और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र वाली मुख्य सड़कों का काम युद्ध स्तर पर किया जाएगा।
इस परियोजना की सबसे खास बात इसकी कार्यप्रणाली है। हरदीप सिंह मुंडियां ने जानकारी दी कि यह पूरा प्रोजेक्ट भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की तर्ज पर ‘हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल’ (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा। इस मॉडल की विशेषता यह है कि संबंधित ठेकेदार न केवल सड़कों का निर्माण करेगा, बल्कि अगले 10 वर्षों तक उनके रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी भी उसी की होगी। इससे सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी।
परियोजना के वित्तीय ढांचे को स्पष्ट करते हुए मंत्री ने बताया कि इसमें 40:60 का भुगतान फॉर्मूला लागू किया गया है। इसके तहत निर्माण कार्य के दौरान सरकार कुल लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा देगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि ठेकेदार को लगानी होगी। निर्माण पूरा होने के बाद अगले 10 वर्षों के दौरान सरकार किस्तों के माध्यम से शेष राशि का भुगतान करेगी। यह प्रक्रिया ठेकेदार की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और समय-समय पर सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित होगी।
मोहाली में इस परियोजना के तहत लगभग 80 किलोमीटर लंबी सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा, जिस पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य इसी साल फरवरी के महीने में शुरू हो जाएगा और इसे अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सड़कों की मजबूती के साथ-साथ उनके सौंदर्यीकरण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, लैंडस्केपिंग और हरियाली बढ़ाने जैसे कार्य शामिल हैं, ताकि शहर का स्वरूप पूरी तरह बदल जाए।
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि संबंधित विभागों और वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि काम की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। इस पहल से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात तेज होगा, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। बैठक के दौरान आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव विकास गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इस तरह के जन-केंद्रित प्रयासों से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और मोहाली निवेश व पर्यटन के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।
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