US: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में ट्रंप की भूमिका पर उठाए सवाल – The Hill News

US: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में ट्रंप की भूमिका पर उठाए सवाल

नई दिल्ली।

शक्तिशाली अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि डोनल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को सुलझाने के दावों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। वार्नर के अनुसार, यह दावा करना कि केवल वाशिंगटन के प्रयासों की वजह से ही दोनों देशों के बीच तनाव खत्म हुआ था, सच्चाई से परे है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के अतिरंजित दावे न केवल कूटनीतिक वास्तविकता को धुंधला करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति के इस संवेदनशील मोड़ पर अनावश्यक तनाव को और अधिक बढ़ावा दे सकते हैं।

सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष और सीनेट इंडिया काकस के सह-अध्यक्ष मार्क वार्नर ने स्पष्ट किया कि उनके पास मौजूद जानकारियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह साबित नहीं होता कि अमेरिका ने अकेले ही इस गतिरोध को दूर किया था। एक विशेष साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया कि भारत सरकार के प्रतिनिधियों, खुफिया समुदायों और अमेरिकी खुफिया कमेटी से प्राप्त सूचनाओं के अध्ययन से यह साफ है कि इस समस्या का समाधान मुख्य रूप से भारत और पाकिस्तान ने आपसी स्तर पर ही निकाला था।

वार्नर ने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच पहले से ही स्थापित और प्रभावी संचार माध्यम मौजूद हैं, जिनका उपयोग ऐसे संकटों के समय किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवसरों पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच बातचीत की अपनी एक प्रक्रिया होती है जो निरंतर चलती रहती है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका ने इस प्रक्रिया में एक सहायक या मददगार की भूमिका निभाने की कोशिश जरूर की होगी, लेकिन डोनल्ड ट्रंप द्वारा व्यक्तिगत रूप से इसमें सीधा हस्तक्षेप किए जाने की बातें पूरी तरह निराधार हैं। वार्नर ने कूटनीतिक सफलता का पूरा श्रेय खुद लेने के इस चित्रण को अहंकार से प्रेरित बताया।

जब वार्नर से यह पूछा गया कि क्या यह संघर्ष दोनों परमाणु संपन्न राष्ट्रों को किसी बड़ी तबाही के करीब ले आया था, तो उन्होंने कहा कि स्थिति निश्चित रूप से गंभीर थी, लेकिन यह कोई अभूतपूर्व घटना नहीं थी। भारत और पाकिस्तान के इतिहास में पहले भी कई ऐसे संकट आए हैं जिनका दोनों देशों ने अनुभव किया है और उन्हें सुलझाया है। उन्होंने इस दौरान पाकिस्तान के राजनीतिक और रणनीतिक रवैये पर भी गहरी टिप्पणी की। वार्नर के अनुसार, पाकिस्तान का पूरा ध्यान हमेशा भारत पर ही केंद्रित रहता है और अक्सर ऐसा प्रतीत होता है कि वह भारत को लेकर एक प्रकार के जुनून या ‘ऑब्सेशन’ की स्थिति में रहता है।

इसके विपरीत, वार्नर ने भारत की बदलती वैश्विक छवि और प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत अब उस पुरानी और छोटी प्रतिद्वंद्विता से बहुत आगे निकल चुका है। एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने के कारण भारत का दृष्टिकोण अब विकसित देशों की श्रेणी वाला हो गया है, जबकि पाकिस्तान अभी भी पुरानी प्रतिस्पर्धा और भारत-केंद्रित नीतियों में ही उलझा हुआ है। वार्नर का यह बयान डोनल्ड ट्रंप के उन दावों को सीधे तौर पर चुनौती देता है जिसमें उन्होंने खुद को दक्षिण एशिया में शांति स्थापित करने वाले एकमात्र और मुख्य सूत्रधार के रूप में पेश किया था। उनका मानना है कि वास्तविक शांति प्रक्रिया क्षेत्रीय स्तर पर ही पूरी की गई थी।

 

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