नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान हिमाचल प्रदेश में हवाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और दूरस्थ क्षेत्रों में हवाई सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से प्रदेश की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष सहयोग और वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
बैठक का एक प्रमुख बिंदु कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार रहा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पूर्ण समर्थन और विशेष केंद्रीय अनुदान (ग्रांट) की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि कांगड़ा जिला पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है और राज्य सरकार इसे प्रदेश की ‘पर्यटन राजधानी’ के रूप में विकसित करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार समयबद्ध तरीके से पूरा होता है, तो इससे न केवल सैलानियों की संख्या में भारी इजाफा होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना से जुड़े लंबित मुद्दों के शीघ्र निपटारे का भी अनुरोध किया।
हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में मौसम और कम दृश्यता के कारण अक्सर उड़ानें बाधित होती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने ‘विजुअल फ्लाइट रूल्स’ (VFR) के तहत न्यूनतम दृश्यता के मापदंड को वर्तमान के 5 किलोमीटर से घटाकर 2.5 किलोमीटर करने का अनुरोध किया। सुक्खू का मानना है कि यदि इस मानक में ढील दी जाती है, तो कम दृश्यता की स्थिति में भी विमानों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा होगी और उड़ानों के रद्द होने की दर में कमी आएगी।
हवाई अड्डों के प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी बैठक में गहन विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था को वर्तमान की सीआईएसएफ (CISF) के स्थान पर राज्य पुलिस को सौंपने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि इन हवाई अड्डों पर उड़ानों और यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, ऐसी स्थिति में राज्य पुलिस द्वारा सुरक्षा का जिम्मा संभालने से प्रदेश के वित्तीय बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसके साथ ही, उन्होंने शिमला हवाई अड्डे पर विमानों के परिचालन की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से उड़ानों के समय को शाम 4 बजे तक विस्तारित करने का आग्रह किया।
कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ से शिमला और शिमला से चंडीगढ़ के बीच उड़ानों की संख्या (फ्रीक्वेंसी) बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रदेश में प्रस्तावित चार नए हेलीपोर्ट्स को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की, ताकि राज्य के दूरदराज के इलाकों को भी हवाई मार्ग से जोड़ा जा सके।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित करें और कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए तत्काल विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करें। केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार को केंद्र की ओर से हर संभव सहयोग और सहायता प्रदान करने का पूर्ण आश्वासन दिया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह भी उपस्थित रहे। सरकार के इन प्रयासों से उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश में हवाई यात्रा न केवल सुगम होगी बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को एक नई वैश्विक पहचान मिलेगी।