उत्तरकाशी। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तरकाशी का सुप्रसिद्ध और पौराणिक माघ मेला जिसे ‘बाड़ाहाट कू थौलू’ के नाम से भी जाना जाता है, बुधवार से हर्षोल्लास के साथ शुरू हो गया। इस ऐतिहासिक मेले का विधिवत उद्घाटन बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता और बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की देव डोलियों के सानिध्य में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। जनपद के रामलीला मैदान में एक सप्ताह तक चलने वाला यह मेला उत्तरकाशी की विशिष्ट धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का जीवंत प्रतीक है।
मेले के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीण अपने लोक देवताओं की डोलियों और धार्मिक प्रतीकों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे। श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड के बीच भागीरथी नदी में मकर संक्रांति का पावन स्नान किया। इसके बाद कंडार देवता और हरि महाराज सहित अनेक देव डोलियों ने नगर के पुरातन क्षेत्र बाड़ाहाट स्थित ‘चमाला की चौंरी’ पर पहुंचकर पारंपरिक डोली नृत्य और रासो-तांदी नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसे देखकर वहां मौजूद जनसैलाब मंत्रमुग्ध हो गया।
रामलीला मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति और माघ मेले की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी की यह धरती बाबा विश्वनाथ और मां भागीरथी की कृपा से धन्य है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि देवभूमि की पवित्र संस्कृति और मर्यादा के साथ किसी को भी छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। धामी ने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार का जिहाद नहीं चलेगा और सरकार ने इसके खिलाफ सख्त दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून और लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़े कदम उठाए हैं। अब तक 1000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 27 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने नकल माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने का जिक्र भी किया। अंकिता भंडारी प्रकरण पर बोलते हुए धामी ने कहा कि दोषियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है और अब मृतका के माता-पिता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि अंकिता को न्याय दिलाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है।
उत्तरकाशी के विकास कार्यों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जनपद में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सड़कों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 23 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट और पुरोला में 46 करोड़ की लागत से उपजिला अस्पताल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि ‘सिल्क्यारा टनल’ का ब्रेकथ्रू हो चुका है, जिससे गंगोत्री और यमुनोत्री के बीच की दूरी 25 किलोमीटर कम हो जाएगी। उन्होंने जिले की 12 हजार ‘लखपति दीदियों’ का उदाहरण देते हुए इसे आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत तस्वीर बताया।
मेले के उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने पौराणिक भगवान विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर परिसर में महान संतों के आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित ‘आशीर्वचन शिलापट्टों’ का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, जिलाध्यक्ष नागेंद्र चौहान और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।