US: डोनल्ड ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी और सैन्य कार्रवाई का बड़ा अल्टीमेटम

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के मौजूदा नेतृत्व और वहां के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई पर तीखा जुबानी हमला बोला है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान में बढ़ते सरकार विरोधी प्रदर्शनों और अमेरिका की सैन्य धमकियों के दबाव में आकर ईरानी शासन ने उनसे बातचीत के लिए संपर्क साधा है। रविवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान ट्रंप ने जानकारी दी कि ईरानी प्रशासन की ओर से उन्हें फोन किया गया था और अब दोनों पक्षों के बीच एक बैठक आयोजित करने की तैयारी चल रही है। हालांकि, ट्रंप ने इस संभावित बैठक के साथ एक कड़ी शर्त और चेतावनी भी जोड़ दी है।

डोनल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यद्यपि बातचीत का प्रस्ताव आया है, लेकिन वे ईरान की आंतरिक स्थितियों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा जारी रहती है और मासूम लोगों की हत्याएं नहीं रुकती हैं, तो वे बैठक होने का इंतजार नहीं करेंगे। ट्रंप के अनुसार, ऐसी स्थिति में अमेरिका बैठक से पहले ही ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये लोग हिंसक हैं और यह कहना मुश्किल है कि वे वास्तव में नेता हैं या केवल हिंसा के बल पर सत्ता चला रहे हैं।

ईरान में जारी व्यापक जन-आक्रोश और विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्रंप ने कहा कि उन्हें वहां की पल-पल की जानकारी मिल रही है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरानी प्रशासन ने अपने नागरिकों पर बल प्रयोग करना बंद नहीं किया, तो अमेरिका जल्द ही कोई बड़ा और कड़ा निर्णय ले सकता है। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि वे निर्दोष लोगों की हत्याओं को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेंगे और इसके लिए ईरानी शासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

बातचीत के दौरान जब ट्रंप से ईरान या उसके सहयोगी संगठनों द्वारा की जाने वाली संभावित जवाबी कार्रवाई के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत सख्त लहजे में जवाब दिया। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान या उसके समर्थित गुटों ने अमेरिका के खिलाफ कोई भी कदम उठाने की कोशिश की, तो उन्हें इसका ऐसा खामियाजा भुगतना पड़ेगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जवाबी कार्रवाई की स्थिति में अमेरिका ईरान को उस स्तर पर दंडित करेगा जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया होगा। उन्होंने कहा कि उनका जवाब इतना करारा होगा कि ईरानी नेतृत्व को अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होगा।

डोनल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान आर्थिक संकट और नागरिक अधिकारों के मुद्दे पर अपने ही देश में भारी विरोध का सामना कर रहा है। ट्रंप प्रशासन का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि वे ईरान को किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं हैं। एक तरफ जहां बातचीत के रास्ते खुले होने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमले की सीधी धमकी देकर अमेरिका ने ईरान पर मनोवैज्ञानिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। अब यह देखना होगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के इस अल्टीमेटम के बाद ईरान का अगला कदम क्या होता है और प्रस्तावित बैठक का भविष्य क्या रहता है। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व की राजनीति में एक बार फिर युद्ध और कूटनीति के बीच के संघर्ष को तेज कर दिया है।

 

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