नई दिल्ली। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित शब्दोत्सव कार्यक्रम के पांचवें सत्र धर्मरक्षक धामी में हिस्सा लिया। इस मंच से मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान, शिक्षा और कानून व्यवस्था पर खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की मूल सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समरसता को हर हाल में सुदृढ़ करने के लिए संकल्पबद्ध है।
शिक्षा के क्षेत्र में कड़े फैसलों की जानकारी देते हुए धामी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 के बाद राज्य में केवल वही मदरसे चल सकेंगे जो राज्य शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। उन्होंने खुलासा किया कि अब तक 250 से अधिक ऐसे मदरसों को बंद किया जा चुका है जो नियमों और मानकों की अनदेखी कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह निर्णय किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए लिया गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कट्टरवादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा।
अवैध कब्जों पर अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए धामी ने बताया कि अब तक 10 हजार एकड़ से ज्यादा सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर सुनियोजित तरीके से कब्जा करने वाले समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और करीब 600 अवैध ढांचे हटाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे देवभूमि के देवत्व और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए अपना व्यक्तिगत संकल्प बताया।
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल मतदाता सूची का मसला नहीं है बल्कि यह राज्य की योजनाओं में पारदर्शिता लाने से जुड़ा है। उन्होंने आयुष्मान योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अनुमान से ज्यादा खर्च सामने आया जिससे सत्यापन की जरूरत महसूस हुई। राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड का सत्यापन भी इसी कड़ी का हिस्सा है।
आगामी विधानसभा चुनावों और विकास कार्यों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून का जिक्र किया। धामी ने बताया कि नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स में उत्तराखंड को देश में पहला स्थान मिला है और इज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी राज्य अचीवर्स श्रेणी में है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में मिली उपलब्धियों और चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान तथा दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड जैसे प्रोजेक्ट्स की प्रगति भी साझा की।