देहरादून। उत्तराखंड के सेवानिवृत्त कार्मिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर शनिवार को एक सकारात्मक पहल हुई। सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और राज्य के पेंशनरों की विभिन्न समस्याओं को उनके सामने रखा। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उनकी मांगों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सेवानिवृत्त कार्मिकों के हितों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों को राज्य की धरोहर बताते हुए कहा कि उनकी बेहतरी के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिकों को नोशनल वेतनवृद्धि देने का मुद्दा जोर शोर से उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया और कार्मिक सचिव को इस संबंध में कार्यवाही करने के निर्देश जारी कर दिए।
समिति के मुख्य संयोजक सुमन सिंह वाल्दिया के नेतृत्व में मिले इस प्रतिनिधिमंडल ने कई अन्य अहम मांगे भी रखीं। इनमें जनवरी 2006 से नोशनल वेतनवृद्धि का लाभ देने, राशिकरण की कटौती, हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पेंशन में बढ़ोतरी और गोल्डन कार्ड से जुड़ी समस्याओं का समाधान शामिल था। प्रतिनिधिमंडल में समिति के संयोजक सचिव नवीन नैथानी, हरीश चंद्र नौटियाल और आरपी पंत जैसे वरिष्ठ सदस्य भी शामिल थे।
मुख्यमंत्री द्वारा दिखाई गई इस संवेदनशीलता पर समिति के पदाधिकारियों ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर से संवाद की यह पहल बेहद सराहनीय है और इससे राज्य के बुजुर्ग पेंशनरों के बीच एक उत्साहजनक संदेश गया है। उन्हें उम्मीद है कि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी जिससे उनके जीवन में खुशहाली आएगी।