इस हाईटेक समय मे लोगो के काम करने के तरीके मे अंतर आया है। घंटो का काम मिंटो मे ही हो जाता है, जिसके चलते फोन और इंटरनेट जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। राशन लाने से लेकर बैंक तक के सारे काम ऑनलाइन करना ही पसंद करते है। वही दूसरी ओर चोर भी हाइटेक हो गए , और इन्हे ही साइबर क्राइम की श्रेड़ी मे डाला गया है, ऐसे ही दो मामले देहारादून से सामने आए है।
आनलाइन भुगतान करने के लिए इंटरनेट पर बैंक के कस्टमर केयर का नंबर ढूंढना दो व्यक्तियों को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने उनके खाते से चार लाख रुपये निकाल लिए। इस मामले मे रायपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।संजय कुमार निवासी डीएल कालोनी रायपुर ने पुलिस को बताया कि नौ सितंबर को उन्हें बिहार स्थित अपने घर रुपये भेजने थे, लेकिन एसबीआइ का एप उनके मोबाइल पर नहीं खुल रहा था। संजय ने इंटरनेट की मदद से बैंक का कस्टमर केयर नंबर ढूंढने के बाद उस पर काल किया। काल उठाने वाले व्यक्ति ने उन्हें एनी डेस्क एप डाउनलोड करवाया और इसके बाद उन्हें एक लिंक भेजा। उस पर क्लिक करते ही उनके खाते से एक लाख रुपये की निकासी हो गई। थानाध्यक्ष रायपुर अमरजीत सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वही एक दूसरे मामले मे लता ठाकुर निवासी अमन विहार सहस्रधारा रोड ने रायपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि उनका मकान बन रहा है। उनका खाता स्टेट बैंक आफ इंडिया में है। आठ सितंबर को उन्होंने मकान का निर्माण कर रहे ठेकेदार को 15 हजार रुपये आनलाइन ट्रांसफर किए थे, लेकिन चार दिन बाद भी रकम ठेकेदार को नहीं मिली। इस पर 11 सितंबर को उन्होंने धनराशि के बारे में पता करने के लिए इंटरनेट की मदद से बैंक का कस्टमर केयर नंबर ढूंढा। उक्त नंबर पर जब उन्होंने काल किया तो व्यक्ति ने एक एप डाउनलोड करवाने के बाद उनके बैंक खाते की जानकारी मांगी और इसके बाद उनके खाते से तीन लाख रुपये निकाल लिए।