नई दिल्ली। अग्निपथ योजना में बड़े बदलाव के तहत केंद्र सरकार ने चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का फैसला किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से बुधवार को लिए गए इस निर्णय को भाजपा के मुख्य प्रवक्ता अनिल बलूनी ने महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को सेना में अधिक समय तक देशसेवा करने का अवसर मिलेगा और सैन्य बलों को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार के फैसले के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत चार साल का निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बाद सेना से बाहर होने वाले अग्निवीरों को दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया जाएगा। इस तरह वे कुल छह वर्ष तक सैन्य बलों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। अतिरिक्त अवधि पूरी करने के बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले अग्निवीरों के पास नियमित भर्ती का अवसर भी होगा।
भाजपा प्रवक्ता अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ यानी सेवा के दूसरे कार्यकाल को मंजूरी देकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उनके मुताबिक, इससे युवाओं को सैन्य सेवा जारी रखने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।
बलूनी ने अपने संदेश में कहा, “सशक्त युवा, सशक्त सेना, सुरक्षित भारत।” उन्होंने इस फैसले को युवाओं और सेना, दोनों के लिए लाभकारी बताया। उनका कहना है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा से अग्निवीरों को देश की सुरक्षा में योगदान देने का अधिक समय मिलेगा। साथ ही, नियमित सैन्य भर्ती के लिए पात्रता हासिल करने की दिशा में भी उन्हें अवसर मिल सकेगा।
इस बदलाव को अग्निपथ योजना के ढांचे में एक महत्वपूर्ण संशोधन के रूप में देखा जा रहा है। चार साल की सेवा के बाद अग्निवीरों के सामने आगे के करियर को लेकर जो स्थिति बनती थी, उसमें दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल का विकल्प जुड़ने से उन्हें सैन्य सेवा में बने रहने का एक और अवसर मिलेगा। हालांकि, नियमित भर्ती स्वतः नहीं होगी, बल्कि इसके लिए सरकार की ओर से निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक होगा।
केंद्र सरकार के इस फैसले के विस्तृत नियमों और अतिरिक्त सेवा के लिए चयन की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद योजना के नए प्रावधानों की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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