देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून स्थित हिंदू नेशनल कॉलेज में लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित दशहरा मेले में भाग लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार लोगों को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रावण दहन की परंपरा केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जीवन में व्याप्त बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने का संदेश भी देती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों को त्यागकर सदाचार अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
भगवान श्रीराम के आदर्शों से मिलती है प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका चरित्र मर्यादा, त्याग, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से सिखाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। उनके जीवन से परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी का पर्व इस विश्वास को मजबूत करता है कि अधर्म और अन्याय चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः सत्य की विजय होती है। रावण दहन इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। पर्व के वास्तविक उद्देश्य को पूरा करने के लिए जरूरी है कि लोग भगवान श्रीराम के आदर्शों को केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन और व्यवहार में भी अपनाएं।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण हैं ऐसे आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा मेले जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और पौराणिक प्रसंगों से परिचित होने का अवसर मिलता है। साथ ही, ऐसे आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर आपसी मेल-जोल और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए आयोजन से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। त्योहारों के माध्यम से मिलने वाले संदेश तभी सार्थक होते हैं, जब लोग उन्हें अपने आचरण में उतारें।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों और आयोजन समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रावण दहन के साथ आयोजित दशहरा मेले में बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश प्रमुख रहा।