देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशहरा केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने का अवसर भी है। उन्होंने लोगों से सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के जीवन को त्याग, संयम, कर्तव्यपालन और आदर्श आचरण की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि रावण के पास अपार संपत्ति, शक्ति और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। इसके विपरीत भगवान श्रीराम ने अपने आचरण से यह संदेश दिया कि जीवन में सिद्धांतों और धर्म का पालन करना महत्वपूर्ण है। पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख छोड़कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करना उनके कर्तव्यबोध और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है।
सामाजिक बुराइयों को दूर करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ और नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने भ्रष्टाचार, अन्याय, नशे और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी सामाजिक समस्याओं को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सरकारी भूमि और कानून-व्यवस्था पर रखी बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया गया है, जिसके तहत 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि को कब्जामुक्त कराने का दावा किया गया है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के उद्देश्य से दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने समान नागरिक संहिता को समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा और प्रदेश में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।
युवाओं के रोजगार और शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक सोच पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है। इससे उनमें ज्ञान, नवाचार और तार्किक क्षमता विकसित होगी। युवाओं के भविष्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और नकल जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को योग्यता और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के साथ निवेश, उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर भी काम कर रही है। स्थानीय व्यापारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए उन्होंने आर्थिक विकास में सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर दिया।
रामराज्य की अवधारणा को बताया जनकल्याण का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरित रामराज्य की मूल भावना न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण में निहित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से ऐसा समाज बनाने का संकल्प लेने की अपील की, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धा है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी और सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने दशहरा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को भी बधाई दी।
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