Punjab: कॉमेडी के मंच से पंजाब के मुख्यमंत्री तक भगवंत मान का सफर – The Hill News

Punjab: कॉमेडी के मंच से पंजाब के मुख्यमंत्री तक भगवंत मान का सफर

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 17 अक्टूबर को अपना 53वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। हास्य कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले मान ने मनोरंजन की दुनिया से राजनीति तक का सफर तय किया और राज्य के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। उनकी जीवन यात्रा में कला, चुनावी राजनीति और सार्वजनिक जीवन के कई अहम पड़ाव शामिल हैं।

शिक्षक परिवार में हुआ जन्म

भगवंत मान का जन्म 17 अक्टूबर 1973 को पंजाब के संगरूर जिले के सतोज गांव में हुआ था। उनका परिवार शिक्षा से जुड़ा रहा है। उन्होंने शहीद उधम सिंह सरकारी कॉलेज, सुनाम में पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों से ही उनकी रुचि हास्य कला और मंचीय प्रस्तुतियों में थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग शैली विकसित की और लोगों के बीच पहचान बनानी शुरू की।

18 साल की उम्र में मिली पहचान

मान ने कम उम्र में ही मनोरंजन की दुनिया में कदम रख दिया था। बताया जाता है कि 18 वर्ष की उम्र में उनकी पहली ऑडियो कैसेट जारी हुई, जिसके बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी। उन्होंने अपने कार्यक्रमों में सामाजिक परिस्थितियों, आम लोगों की समस्याओं और रोजमर्रा की घटनाओं को हास्य के माध्यम से प्रस्तुत किया।

टेलीविजन कार्यक्रमों ने भी उनकी लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ‘जुगनू मस्त मस्त’ जैसे कार्यक्रमों से उन्हें व्यापक पहचान मिली। इसके अलावा ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ में भाग लेने के बाद वह देशभर के दर्शकों के बीच चर्चा में आए। उनकी प्रस्तुति में हास्य के साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी भी देखने को मिलती थी।

मान ने अभिनय के क्षेत्र में भी काम किया। पंजाबी फिल्म ‘मैं मां पंजाब दी’ में उनकी भूमिका उनके मनोरंजन जगत के सफर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

मनोरंजन से राजनीति की ओर बढ़े कदम

हास्य कलाकार के रूप में पहचान बनाने के बाद मान ने राजनीति में प्रवेश किया। उन्होंने मनप्रीत सिंह बादल की पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। वर्ष 2012 में उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव भी लड़ा, हालांकि उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली।

बाद में उन्होंने आम आदमी पार्टी का रुख किया और वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में संगरूर सीट से जीत दर्ज की। इस जीत ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई। उन्होंने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भी संगरूर से जीत हासिल की और संसद में पंजाब से जुड़े मुद्दे उठाए।

मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का सफर

वर्ष 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहने के बाद मान राज्य की राजनीति में लगातार सक्रिय रहे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। इसके बाद 16 मार्च 2022 को उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

मुख्यमंत्री बनने के बाद से मान की राजनीति का केंद्र राज्य का प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दे रहे हैं। मनोरंजन की दुनिया से निकलकर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचना उनके सार्वजनिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

निजी जीवन भी रहा चर्चा में

भगवंत मान का निजी जीवन भी कई मौकों पर चर्चा का विषय रहा है। उनकी पहली शादी इंद्रप्रीत कौर से हुई थी। बाद में दोनों अलग हो गए। वर्ष 2022 में उन्होंने डॉक्टर गुरप्रीत कौर से दूसरी शादी की। उनके पारिवारिक जीवन के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियां भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।

जन्मदिन के अवसर पर मान के जीवन के इन विभिन्न पड़ावों पर नजर डालना उनके सफर को समझने का अवसर देता है। एक हास्य कलाकार के रूप में शुरुआत करने वाले मान ने चुनावी राजनीति में अपनी जगह बनाई और अंततः पंजाब की सत्ता की कमान संभाली।

 

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