अल्मोड़ा। उत्तराखंड की राजनीति में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद चर्चा का विषय बन गया है। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और प्रदेश सरकार में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में उन्होंने विवाह से पहले पहली शादी की बात छिपाने, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
शिकायत में विवाह से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप
मंत्री की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाकर उनसे विवाह किया था। शिकायत में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, मारपीट तथा जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से अपमानित करने के आरोप भी शामिल हैं।
इसके अलावा, रेखा आर्य ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि उनकी और बच्चों की हत्या की साजिश रची जा रही थी। इन आरोपों की सत्यता और उनसे जुड़े तथ्यों का निर्धारण जांच के आधार पर ही किया जा सकेगा।
पहली पत्नी और बेटे को लेकर भी चर्चा
गिरधारी लाल साहू के पारिवारिक जीवन को लेकर पहले भी चर्चाएं सामने आती रही हैं। खबरों के मुताबिक, जनवरी 2022 में उन्होंने रिंकू साहू को अपनी पहली पत्नी से हुआ बेटा बताया था। रिंकू साहू बरेली में साहू समाज से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उनके खिलाफ एक सम्मेलन में कथित तौर पर बिना अनुमति भीड़ जुटाने को लेकर प्राथमिकी दर्ज होने की खबर भी सामने आई थी।
हालांकि, इन पुराने मामलों और वर्तमान शिकायत के बीच संबंधों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।
किडनी दान प्रकरण में भी सामने आया था नाम
गिरधारी लाल साहू का नाम पहले एक किडनी दान से जुड़े विवाद में भी चर्चा में आया था। उन्होंने वैजयंती माला को अपनी पहली पत्नी बताया था और कहा था कि नरेश चंद्र गंगवार ने उनकी पत्नी को किडनी दान की थी। दूसरी ओर, नरेश गंगवार ने कथित तौर पर जबरन किडनी निकाले जाने को लेकर शिकायत की थी।
उस समय गिरधारी लाल साहू ने जबरन अंग निकालने के आरोपों को खारिज करते हुए इसे सहमति से किया गया दान बताया था। इस प्रकरण को लेकर उस समय विवाद हुआ था, लेकिन उपलब्ध विवरण से इसके अंतिम कानूनी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं होती।
वर्ष 2024 में भी उठा था विवाद
सितंबर 2024 में बरेली से जुड़ा एक अन्य मामला सामने आया था। उस समय रेखा आर्य ने आरोप लगाया था कि कल्पना मिश्रा नाम की महिला ने आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू को अपना पति बताया है। रिपोर्टों के अनुसार, इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
अब मंत्री की ओर से अपने पति के खिलाफ लगाए गए नए आरोपों ने इस पारिवारिक विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और कानूनी स्थिति जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल में चर्चा तेज
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इस मामले के राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि इसके संभावित चुनावी परिणामों के बारे में अभी कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इससे एक दिन पहले हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने प्रेस वार्ता कर खुद और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने फोन टैपिंग और कथित साइबर साजिश की आशंका व्यक्त की थी तथा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। प्रेस वार्ता के दौरान वह भावुक भी हो गए थे।
इसके बाद रेखा आर्य के भावुक होकर अपने पति पर आरोप लगाने की घटना ने प्रदेश की राजनीति में व्यक्तिगत सुरक्षा और सार्वजनिक जीवन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा बढ़ा दी है। फिलहाल, मंत्री की शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
Pls read:Uttarakhand: उत्तराखंड पुलिस में महिला आरक्षियों के 2000 पद करने के प्रस्ताव को सीएम धामी की मंजूरी