मनाली। हिमाचल प्रदेश सरकार स्पीति घाटी में सालभर सड़क संपर्क बनाए रखने और क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित कुंजुम पास के नीचे टनल निर्माण की संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वेक्षण करवाने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित टनल बनने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी सालभर आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को काजा में अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में स्पीति क्षेत्र के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य दुर्गम इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।
बिजली व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण कार्य तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से स्पीति घाटी में बिजली आपूर्ति बेहतर होगी और लोगों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने काजा के रांगरिक में दो मेगावाट क्षमता वाले ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ किया। इसके साथ ही विभिन्न सड़कों का उद्घाटन भी किया गया। सरकार का प्रयास है कि दुर्गम क्षेत्रों में ऊर्जा और सड़क सुविधाओं को मजबूत कर स्थानीय लोगों के जीवन को आसान बनाया जाए।
काजा में कॉलेज और हेलीपोर्ट की योजना
मुख्यमंत्री ने स्पीति को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने की घोषणा की। इसके अलावा काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाओं का पता लगाने, स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने तथा हेलीपोर्ट निर्माण के लिए सर्वे करवाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का लगभग 42 प्रतिशत भू-भाग शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है। ऐसे क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के कारण विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सरकार इन इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और बिजली जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत है।
सुक्खू ने बताया कि जब वह पहली बार 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के अवसर पर स्पीति पहुंचे थे, तब स्थानीय लोगों ने बिजली की समस्या उनके सामने रखी थी। इसके बाद इस दिशा में काम शुरू किया गया।
महिलाओं के लिए योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्रस्तावित परिवार कल्याण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और सालाना 10 लाख रुपये का बीमा देने का प्रावधान शामिल होगा। योजना के लाभ और पात्रता से संबंधित विस्तृत जानकारी लागू नियमों के अनुसार स्पष्ट होगी।
दीपावली पर महंगाई भत्ते पर विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दीपावली के अवसर पर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार कर रही है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना लागू करने के कारण केंद्र से हिमाचल को मिलने वाले सालाना 1,600 करोड़ रुपये रोके जाने का भी दावा किया।
स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पूर्व भाजपा सरकार की आलोचना की। मुख्यमंत्री के मुताबिक, भाजपा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने केंद्र पर प्रदेश को मिलने वाले धन में कटौती करने का आरोप लगाया।
अतिरिक्त आय से जनकल्याण का दावा
सुक्खू ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के प्रयासों से राज्य सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है। उनके अनुसार, इस राशि का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने लाहुल-स्पीति के पूर्व विधायक पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने जनता के साथ विश्वासघात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला जनता करेगी।
सरकार की इन घोषणाओं से स्पीति में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद है। हालांकि, प्रस्तावित टनल, हेलीपोर्ट और अन्य परियोजनाओं की समयसीमा तथा क्रियान्वयन की स्थिति संबंधित सर्वेक्षणों और आधिकारिक स्वीकृतियों के बाद स्पष्ट होगी।