हैदराबाद। भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। 248 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने एक समय मुकाबले में वापसी की उम्मीद जगा दी थी, लेकिन तिलक वर्मा के विकेट ने मैच का रुख बदल दिया। भारतीय बल्लेबाज संजू सैमसन ने मुकाबले के बाद इसे हार का अहम मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि तिलक वर्मा और नीतिश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान टीम लक्ष्य के करीब पहुंचने की स्थिति में थी।
हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने 12वें ओवर तक 130 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद तिलक वर्मा और नीतिश कुमार रेड्डी ने जिम्मेदारी संभाली और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारतीय पारी को फिर से पटरी पर लाने का प्रयास किया। दोनों के बीच हुई साझेदारी से मुकाबला रोमांचक स्थिति में पहुंच गया था।
तिलक के आउट होते ही बदला मुकाबले का रुख
तिलक वर्मा और नीतिश कुमार रेड्डी ने दबाव के बीच रन गति बनाए रखी। उनकी बल्लेबाजी के कारण भारत को जीत की उम्मीद बनी हुई थी। दोनों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और लक्ष्य के अंतर को कम किया। एक समय भारत को जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी।
इसी दौरान रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को आउट कर भारतीय टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद भारत के लिए लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
संजू सैमसन ने मैच के बाद कहा कि तिलक का विकेट निर्णायक साबित हुआ। उनके मुताबिक, उस समय भारतीय टीम प्रत्येक ओवर में 10 से 12 रन बना रही थी और मुकाबले में बनी हुई थी। तिलक और रेड्डी ने कठिन परिस्थिति में अच्छी बल्लेबाजी की थी, लेकिन विकेट गिरने के बाद टीम की स्थिति बदल गई।
युवा बल्लेबाजों की सैमसन ने की तारीफ
सैमसन ने पांच विकेट गिरने के बाद टीम की वापसी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों युवा बल्लेबाजों ने दबाव को अच्छी तरह संभाला और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण के सामने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की।
उनके अनुसार, साझेदारी के दौरान भारतीय टीम ने मैच पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की थी। हालांकि, तिलक का विकेट गिरने के बाद टीम उस लय को बरकरार नहीं रख सकी। भारतीय पारी के अंतिम चरण में रन बनाने का दबाव बढ़ गया और टीम लक्ष्य से दूर रह गई।
शानदार पारी के बावजूद निराश रहे संजू
संजू सैमसन ने चौथे टी20 मुकाबले में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों पर 56 रन बनाए। उनकी पारी ने भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करने में तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि, टीम को जीत नहीं दिला पाने के कारण वह निराश नजर आए।
सैमसन ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर अच्छी बल्लेबाजी करने के बावजूद हार मिलने पर संतुष्टि नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी टीम को जीतते हुए देखना चाहते थे। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय उनका ध्यान अपनी बल्लेबाजी और स्वाभाविक खेल पर केंद्रित था।
वेस्टइंडीज ने सीरीज में की बराबरी
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 247 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम 19.3 ओवर में 223 रन पर सिमट गई। इस तरह वेस्टइंडीज ने 24 रन से जीत दर्ज की और पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 2-2 से बराबरी कर ली।
अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का पांचवां और निर्णायक मुकाबला शनिवार को बेंगलुरु में खेला जाना है। सीरीज जीतने के लिए भारतीय टीम को अंतिम मैच में बेहतर प्रदर्शन करना होगा, जबकि वेस्टइंडीज की नजर जीत के सिलसिले को जारी रखते हुए सीरीज अपने नाम करने पर होगी।
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