शिमला, 3 अक्टूबर। बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद वीकेंड पर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से शनिवार को शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। बड़ी संख्या में सैलानियों के वाहनों के शिमला पहुंचने से प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ गया। इसी बीच विभिन्न स्थानों पर सड़क निर्माण और टारिंग का काम चलने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी कई मार्गों पर लंबे समय तक जाम का सामना करना पड़ा।
ढली-संजौली मार्ग पर धीमी रही वाहनों की रफ्तार
शहर के ढली-संजौली मार्ग पर टारिंग का काम चलने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सड़क पर निर्माण कार्य के चलते कई स्थानों पर वाहनों को नियंत्रित गति से गुजरना पड़ा। इससे कुछ ही समय में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यातायात का असर आसपास के संपर्क मार्गों पर भी पड़ा और वहां भी वाहनों की संख्या बढ़ गई।
शनिवार को इस मार्ग पर सफर करने वाले वाहन चालकों को सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय लगा। बताया गया कि आम तौर पर कुछ ही मिनट में पूरी होने वाली दूरी को तय करने में लोगों को 40 से 45 मिनट तक का समय लग गया। जाम में फंसे लोगों को काफी देर तक अपने वाहनों में इंतजार करना पड़ा।
कार्ट रोड पर भी दिनभर वाहनों का दबाव
शिमला के कार्ट रोड पर भी शनिवार को यातायात का दबाव अधिक रहा। पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण सड़क पर कई जगह लंबी कतारें नजर आईं। कुछ हिस्सों में वाहनों की गति काफी धीमी रही। एक मार्ग पर बढ़े यातायात दबाव का प्रभाव दूसरे संपर्क मार्गों पर भी दिखाई दिया, जिससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में आवागमन प्रभावित हुआ।
वीकेंड के कारण शिमला में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ना शहर के लिए नया नहीं है, लेकिन सड़क निर्माण जैसे कार्यों के साथ वाहनों की संख्या बढ़ने पर यातायात प्रबंधन की चुनौती बढ़ जाती है। शनिवार को भी कुछ प्रमुख मार्गों पर यही स्थिति देखने को मिली।
निर्माण कार्य के दौरान यातायात प्रबंधन की मांग
जाम से परेशान स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण और टारिंग कार्य को यातायात व्यवस्था के अनुरूप संचालित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क पर काम आवश्यक है, लेकिन निर्माण के दौरान वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, वीकेंड और पर्यटन सीजन के दौरान शिमला में पहले से ही वाहनों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में यदि प्रमुख सड़कों पर निर्माण कार्य भी चलता है तो यातायात का दबाव और बढ़ सकता है। इसलिए निर्माण एजेंसियों और यातायात पुलिस के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।
शनिवार को शिमला के विभिन्न मार्गों पर बनी यातायात की स्थिति ने पर्यटकों के साथ स्थानीय वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ाई। लोगों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में सड़क कार्य और यातायात व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल बनाकर जाम की समस्या को कम किया जाएगा।
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