नई दिल्ली, 30 सितंबर। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की मंगलवार को हुई बैठक में जहां पार्टी ने चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, वहीं बैठक के दौरान नेताओं के बीच कुछ हल्के-फुल्के क्षण भी देखने को मिले। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी सांसद शशि थरूर के बीच हुई बातचीत चर्चा में रही। सूत्रों के मुताबिक, यह संवाद उस समय हुआ जब कांग्रेस और विपक्षी इंडिया गठबंधन की ओर से संभावित रैलियों और कार्यक्रमों को लेकर विचार-विमर्श चल रहा था।
बैठक में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने सुझाव दिया कि पार्टी या विपक्षी गठबंधन की ओर से 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। उनके सुझाव पर खरगे ने हल्के अंदाज में कहा कि थरूर को भी ऐसे कार्यक्रम में मौजूद रहना चाहिए और केवल अखबारों में लेख लिखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, खरगे की टिप्पणी के बाद थरूर ने सिर हिलाकर अपनी सहमति जताई और कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।
बैठक में राहुल गांधी और खरगे के बीच भी इसी तरह का हल्का संवाद हुआ। रिपोर्टों के अनुसार, खरगे ने राहुल गांधी को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरी पार्टी उनके साथ खड़ी है। इस पर राहुल गांधी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि पीछे खड़ा होना ठीक है, लेकिन उम्मीद है कि पार्टी उनसे बहुत ज्यादा पीछे नहीं होगी। बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार, इस बातचीत से माहौल कुछ हल्का हुआ।
इसके अलावा राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े अपने आरोपों को लेकर भी पार्टी नेताओं के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहले चुनाव में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया था, तब बड़ी संख्या में लोग उनके दावों को लेकर आश्वस्त नहीं थे। उनके मुताबिक, अब इस मुद्दे को लेकर लोगों की धारणा में बदलाव आया है। राहुल गांधी ने बैठक में दावा किया कि पहले करीब 20 प्रतिशत लोग उनकी बात पर विश्वास करते थे, जबकि अब यह आंकड़ा 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा राहुल गांधी द्वारा बैठक में रखे गए दावे के रूप में सामने आया है, न कि स्वतंत्र रूप से सत्यापित जनमत सर्वेक्षण के रूप में।
CWC की बैठक में SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। कांग्रेस ने बैठक के बाद निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपने विरोध को आगे बढ़ाने की बात कही। पार्टी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित अपनी कार्रवाई को नियमों के अनुरूप बताया है।
बैठक के बाद विपक्षी इंडिया गठबंधन की भी दिल्ली में बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया और SIR से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा होनी थी। इस तरह CWC की बैठक में संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों के साथ नेताओं के बीच हुई अनौपचारिक बातचीत भी चर्चा का हिस्सा बनी।
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