Punjab: दिल्ली में सीडब्ल्यूसी बैठक पर टिकी पंजाब कांग्रेस की नजर

चंडीगढ़, 29 सितंबर 2026। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से जारी संगठनात्मक मतभेदों के बीच मंगलवार को दिल्ली में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पर पार्टी के प्रदेश नेताओं की नजर रहेगी। बैठक में पंजाब से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी और एआइसीसी महासचिव सचिन पायलट के लिए भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह हाल में पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने के बाद प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत कर चुके हैं।

सीडब्ल्यूसी की बैठक दिल्ली में आयोजित की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे और पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीति बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल बताए गए हैं। इसके साथ ही आगामी चुनावों की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

पंजाब के संदर्भ में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी पर विशेष ध्यान रहेगा। इससे पहले सचिन पायलट पंजाब के विभिन्न नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर चुके हैं और प्रदेश संगठन की स्थिति को लेकर फीडबैक जुटा रहे हैं।

संगठन को मजबूत करने की चुनौती

पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठनात्मक नेतृत्व और विभिन्न नेताओं के बीच मतभेद चर्चा में रहे हैं। सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद पार्टी के भीतर संगठन को मजबूत करने और वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की कवायद भी सामने आई है। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पायलट की नियुक्ति के बाद चन्नी और वड़िंग से जुड़े गुटों के बीच मतभेदों को लेकर पार्टी में चर्चा बनी हुई है।

सितंबर में चंडीगढ़ में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान सचिन पायलट की मौजूदगी में चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक ही मंच पर नजर आए थे। सुखजिंदर सिंह रंधावा भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। इस घटनाक्रम को पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय के संदर्भ में देखा गया।

2027 चुनाव से पहले संगठन पर फोकस

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के सामने बूथ और जिला स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और पार्टी की राजनीतिक रणनीति तय करने की चुनौती है। सचिन पायलट ने प्रदेश में दूसरी पंक्ति के नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में भी गतिविधियां शुरू की हैं। उन्होंने जिला अध्यक्षों, युवा कांग्रेस नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।

टिकट वितरण से पहले संगठनात्मक तैयारियों, नए नेताओं को अवसर देने और जमीनी स्तर पर पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने जैसे मुद्दे भी आने वाले समय में महत्वपूर्ण रह सकते हैं। हालांकि इन विषयों पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की आगे की बैठकों और संगठनात्मक समीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगा।

दलित नेताओं की बैठक भी प्रस्तावित

दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस के दलित नेताओं की एक अलग बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें देशभर से सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात सामने आई है। पंजाब से चरणजीत सिंह चन्नी और अमर सिंह सहित कुछ नेताओं के इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई है।

इस तरह मंगलवार का दिन पंजाब कांग्रेस के लिए संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण रहेगा। एक ओर राष्ट्रीय मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीति पर चर्चा होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के नेताओं की मौजूदगी और उनके बीच समन्वय पर भी पार्टी कार्यकर्ताओं की नजर रहेगी।

 

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