लुधियाना, 29 सितम्बर 2026। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय ‘जश्न-ए-इंकलाब’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी सरकार देशभक्ति, समानता, न्याय और जनकल्याण की भावना से पंजाब के विकास के लिए काम करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगत सिंह की स्मृति और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए राज्य में कई पहल की गई हैं। इनमें मोहाली हवाई अड्डे का नाम भगत सिंह के नाम पर रखा जाना, एयरपोर्ट रोड पर 30 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करना और खटकड़ कलां में शहीद भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स का विकास शामिल है। खटकड़ कलां परियोजना के लिए सरकारी स्तर पर 52 करोड़ रुपये की लागत वाला एकीकृत विकास कार्य भी प्रस्तावित किया गया है।
मान ने बताया कि खटकड़ कलां में विकसित किए जा रहे परिसर का उद्देश्य स्वतंत्रता आंदोलन और भगत सिंह के जीवन से जुड़े इतिहास को आधुनिक तरीके से लोगों के सामने प्रस्तुत करना है। प्रस्तावित परिसर में विरासती गली, पर्यटक सुविधा केंद्र, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रदर्शनियां, ऐतिहासिक स्थलों के पुनर्निर्मित स्वरूप और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। परियोजना में ऑडियो-वीडियो प्रस्तुतियों, प्रकाश व्यवस्था और अन्य तकनीकी माध्यमों के जरिए दर्शकों को ऐतिहासिक घटनाओं से जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना से खटकड़ कलां को विरासत, शिक्षा और सांस्कृतिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसका लाभ विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिल सकता है। परिसर में पर्यटक सुविधाओं के साथ पार्किंग, पैदल मार्ग, कैफेटेरिया, आवासीय सुविधाएं और खुले क्षेत्रों के विकास की भी योजना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े क्षेत्रों में काम कर रही है। उनके अनुसार, राज्य में बड़ी संख्या में आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं और युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
मान ने कहा कि केवल आर्थिक सहायता या रियायती सुविधाओं से गरीबी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक शिक्षा लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सिंचाई व्यवस्था के विस्तार पर भी काम किया गया है। उन्होंने किसानों तक पानी की उपलब्धता बढ़ाने और कृषि के लिए जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और लोगों को उपचार संबंधी आर्थिक राहत देने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में पंजाब की सांस्कृतिक विरासत भी देखने को मिली। पंजाबी कलाकारों की संगीत प्रस्तुतियों के अलावा ढाडी जत्थों ने वीर रस और शहीदों की स्मृति से जुड़ी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में ‘गगन दमामा बाजिओ’ नाटक का मंचन भी किया गया, जिसमें भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के जीवन तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से भगत सिंह के विचारों और बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहीदों की विरासत को याद रखने के साथ उनके आदर्शों पर आधारित समाज के निर्माण के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए। सरकार की ओर से आयोजित ‘जश्न-ए-इंकलाब’ का मुख्य उद्देश्य भी भगत सिंह और उनके साथियों की स्मृति को सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा ऐतिहासिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी से जोड़ना रहा।
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