Uttarakhand: सीएम धामी से मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश शुक्ला की मुलाकात हरित ऊर्जा पर हुई चर्चा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी मौजूद रहे। मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों से जुड़े विकास कार्यों, जनहित के विषयों और आपसी सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के मंत्री राकेश शुक्ला के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों के साथ दोनों राज्यों में चल रही विकास योजनाओं की जानकारी साझा की गई। चर्चा में राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और विकास के अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी बात हुई। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनाई जा रही कार्यप्रणालियों और उनके संभावित उपयोग पर विचार किया।

मध्य प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे राकेश शुक्ला के साथ हुई बातचीत में स्वच्छ और हरित ऊर्जा से जुड़े विषय प्रमुख रहे। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ सतत विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में सौर ऊर्जा समेत अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों के संदर्भ में दोनों राज्यों के बीच अनुभव साझा करने की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया गया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और आत्मीय संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में अनुभव और बेहतर कार्यप्रणालियां साझा करने से विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने आपसी सहयोग के माध्यम से दोनों राज्यों में विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने भी उत्तराखंड में राज्य सरकार की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री धामी के साथ चर्चा की। बातचीत के दौरान विकास से जुड़े अनुभवों को साझा करने और दोनों राज्यों के बीच संभावित सहयोग के विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

मुलाकात को दोनों राज्यों के बीच संवाद और अनुभव साझा करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में दोनों राज्यों के अनुभवों से भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

 

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