Punjab: पंजाब में पहली बार होगी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी छह देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम

चंडीगढ़। पंजाब पहली बार हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की मेजबानी करने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को टूर्नामेंट का लोगो जारी किया। इस दौरान एशियन हॉकी फेडरेशन और हॉकी से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतियोगिता 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित होगी। इसके लीग मुकाबले जालंधर में और सेमीफाइनल व फाइनल मोहाली में खेले जाएंगे।

टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान समेत एशिया की छह प्रमुख हॉकी टीमें हिस्सा लेंगी। भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला 1 नवंबर को पंजाब दिवस के अवसर पर शाम 7 बजे जालंधर में खेला जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पंजाब सरकार ने प्रतियोगिता के आयोजन के लिए 25.40 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। दर्शकों और खासकर युवाओं को हॉकी से जोड़ने के लिए सभी मुकाबलों में प्रवेश निशुल्क रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रतियोगिता पंजाब के लिए केवल एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन नहीं है, बल्कि हॉकी से उसके पुराने जुड़ाव को फिर से मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने भारतीय हॉकी को कई बड़े खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता दिए हैं। संसर्पुर, खुसरोपुर और मिठापुर सहित राज्य के अनेक गांवों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी निकले हैं।

आयोजन की तैयारियों के तहत दोनों प्रमुख स्टेडियमों को बेहतर बनाने पर भी खर्च किया जा रहा है। कुल 25.40 करोड़ रुपये के बजट में से 22.96 करोड़ रुपये जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों के उन्नयन पर लगाए जा रहे हैं। इसमें जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के लिए 14 करोड़ रुपये और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम के लिए 8.96 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह और लीग चरण 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में होगा। 1 नवंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। इसके बाद 4 नवंबर को मोहाली में सेमीफाइनल और 5 नवंबर को फाइनल तथा समापन समारोह आयोजित किया जाएगा।

प्रतियोगिता में भारत, पाकिस्तान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और चीन भाग लेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश रिजर्व टीमों के रूप में रखे गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबले के कारण टूर्नामेंट में दर्शकों की विशेष रुचि रहेगी। उन्होंने खेल भावना और मैदान के बाहर आपसी सम्मान बनाए रखने पर भी जोर दिया।

सरकार ने प्रतियोगिता को युवाओं और जमीनी स्तर के खिलाड़ियों से जोड़ने की भी योजना बनाई है। स्कूलों, कॉलेजों, हॉकी अकादमियों और खेल केंद्रों को जागरूकता गतिविधियों से जोड़ने की बात कही गई है। युवा खिलाड़ियों को मुकाबले देखने और खेल के माहौल से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खेलों के लिए 1,743 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 3,148 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जबकि 6,000 आधुनिक जिम स्थापित करने की योजना भी बताई गई है। खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता देने और पदक विजेताओं को पुरस्कार देने की नीति का भी उल्लेख किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 में भारत में होने वाले हॉकी विश्व कप के मुकाबलों की मेजबानी के लिए भी पंजाब अपनी दावेदारी पेश करेगा। उनके अनुसार, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का सफल आयोजन राज्य की अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर होगा। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया और हॉकी पंजाब के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।

 

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