नई दिल्ली। अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में 10 रन पर आउट होने वाले संजू सैमसन ने दूसरे मैच में शानदार वापसी की। भारतीय सलामी बल्लेबाज ने महज 22 गेंदों में 57 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी का स्ट्राइक रेट 259.09 रहा। सैमसन ने अपनी पारी के दौरान सात चौके और चार छक्के लगाए और भारत की सात विकेट से जीत में अहम योगदान दिया।
मैच के बाद सैमसन ने टीम में अपनी जगह को लेकर चल रही चर्चाओं और सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचनाओं पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह बाहरी शोर से दूरी बनाए रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार टिप्पणियां उन तक पहुंच ही जाती हैं।
सैमसन ने कहा कि वह अपना वाईफाई बंद रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी-कभी वह चालू हो जाता है और टिप्पणियां दिखाई देने लगती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई वरिष्ठ खिलाड़ी कुछ कह देता है, इसलिए इन चीजों से पूरी तरह बच पाना आसान नहीं है।
आलोचनाओं से निपटना सीखा
सैमसन ने माना कि क्रिकेटरों पर बाहर की बातों का असर पड़ता है। उनके मुताबिक, खिलाड़ी को यह स्पष्ट रखना जरूरी है कि उसे किस तरह तैयारी करनी है और किस मानसिकता के साथ मैदान पर उतरना है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ वह इन परिस्थितियों को संभालना सीख चुके हैं। सैमसन ने यह भी स्वीकार किया कि खिलाड़ी आखिर इंसान हैं और बाहरी चर्चाओं का प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। उनके अनुसार, अगर वह लगातार इस बारे में सोचते रहते कि आउट होने पर फिर आलोचना शुरू हो जाएगी, तो खुलकर शॉट खेलना मुश्किल होता।
दूसरे टी20 में उनकी आक्रामक पारी ऐसे समय आई जब भारतीय टीम के ओपनिंग स्लॉट को लेकर चर्चा चल रही है। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के टीम में आने से अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग विकल्पों को लेकर प्रतिस्पर्धा की चर्चा बढ़ी है। सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया था, जबकि सैमसन को इससे पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मिले अवसरों में अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी।
सूर्यवंशी को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते
सैमसन ने वैभव सूर्यवंशी के साथ प्रतिस्पर्धा के सवाल पर कहा कि ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ी एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के तौर पर नहीं देखते। उन्होंने कहा कि बाहर से भले ही सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा को एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी के रूप में देखा जाए, लेकिन टीम के अंदर सभी का लक्ष्य भारत को मैच जिताना है।
उनके मुताबिक, व्यक्तिगत चयन की चर्चाओं से पहले टीम की जीत महत्वपूर्ण है। उन्होंने खिलाड़ियों को चयन के फैसलों पर नकारात्मक सोच रखने के बजाय अपने अवसर के लिए तैयार रहने की बात कही।
कप्तानी के अनुभव से मिली समझ
सैमसन ने बताया कि आईपीएल में कप्तानी करने के अनुभव ने उन्हें चयन से जुड़े कठिन फैसलों को समझने में मदद की है। उनका कहना है कि जब कई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों तो प्रबंधन के लिए किसी एक का चयन करना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को इस सोच में नहीं फंसना चाहिए कि उन्हें मौका क्यों नहीं मिला या किसी दूसरे खिलाड़ी को क्यों चुना गया। सैमसन के अनुसार, सकारात्मक बने रहना और जब भी अवसर मिले, उसके लिए पूरी तरह तैयार रहना ही जरूरी है।
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