देहरादून।
सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां करने और आपत्तिजनक सामग्री साझा करने के आरोपों में घिरी उर्मिला सनावर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में उनके खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एक महिला की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसने उर्मिला सनावर पर मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर में शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उर्मिला सनावर अपनी फेसबुक आईडी के माध्यम से उसके विरुद्ध लगातार अपमानजनक और अमर्यादित बातें लिख रही हैं। महिला का आरोप है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के चरित्र हनन और आपत्तिजनक पोस्ट के कारण वह गहरे मानसिक दबाव में हैं। महिला ने पुलिस को बताया कि उर्मिला की इन हरकतों से तंग आकर उन्हें आत्महत्या करने तक के लिए उकसाया जा रहा है। नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि उर्मिला सनावर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का यह कोई पहला मामला नहीं है। उत्तराखंड के अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ पहले भी कई गंभीर मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसमें एक प्रमुख मामला भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इसके अलावा, नेहरू कॉलोनी थाने में ही आरती गौड़ नामक महिला ने भी उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरती का आरोप था कि उर्मिला ने उनका व्यक्तिगत मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया, जिसके बाद से उन्हें अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फोन पर धमकियां दी जाने लगीं।
उर्मिला सनावर पूर्व में भी अपने निजी जीवन और राजनीतिक दावों को लेकर विवादों में रही हैं। नवंबर 2025 में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर तहलका मचा दिया था। उस दौरान उन्होंने हरिद्वार की ज्वालापुर विधानसभा सीट से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर पर कई संगीन आरोप लगाए थे। उन्होंने खुद को सुरेश राठौर की पत्नी बताते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर मदद की गुहार लगाई थी। वह अक्सर अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को अभिनेत्री उर्मिला सुरेश राठौर के रूप में पेश करती हैं।
इसके अलावा, उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के समय भी उर्मिला सनावर का नाम काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई ऑडियो और वीडियो जारी कर दावा किया था कि इस हत्याकांड के पीछे कुछ बड़े राजनेताओं और प्रभावशाली लोगों का हाथ है। इन संवेदनशील दावों के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था और मामले की जांच कर रही सात सदस्यीय एसआईटी ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया था।
जनवरी 2026 में देहरादून और हरिद्वार में एसआईटी ने उर्मिला सनावर से कई घंटों तक पूछताछ की थी। उस समय उन्होंने दावा किया था कि उनके पास मौजूद मोबाइल फोन में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्डिंग और सबूत हैं, जिन्हें वह पुलिस को सौंप देंगी। हालांकि, अब नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज इस नए मुकदमे ने उनकी कानूनी अड़चनों को और ज्यादा बढ़ा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई सामग्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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