Uttarakhand: रुड़की में सगी बहनों की निर्मम हत्या का खुलासा भाई ने ही रची थी मौत की खूनी साजिश

रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की में दो सगी बहनों की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश में चौंकाने वाले और रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए मृतकाओं के भाई विवेक उर्फ विक्की ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या के पीछे जो वजह बताई है, उसने सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपी विवेक अपनी दोनों बहनों के चाल-चलन और समाज में उनकी छवि को लेकर इस कदर आक्रोश में था कि उसने खुद ही उनका काल बनने का फैसला कर लिया।

रिश्ता टूटने का प्रतिशोध और खूनी साजिश
पुलिस पूछताछ में विवेक ने बताया कि करीब दस दिन पहले मुजफ्फरनगर में तय हुआ उसका रिश्ता अचानक टूट गया था। लड़की पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया, जिसका मुख्य कारण उसकी बहनों के व्यक्तिगत जीवन को लेकर समाज में होने वाली चर्चाएं थीं। विवेक का मानना था कि उसकी दोनों बहनों, संगीता और पुष्पा के चाल-चलन की वजह से ही उसका घर नहीं बस पा रहा है और गांव चुडियाला के लोग उसे ताने मारते हैं। इस अपमान ने विवेक के भीतर बदले की आग पैदा कर दी। उसने मुजफ्फरनगर से दस हजार रुपये में एक तमंचा और कारतूस खरीदे। वारदात को अंजाम देने से पहले उसने करीब पांच दिनों तक दोनों बहनों की गतिविधियों की बारीकी से रेकी की ताकि सही समय और स्थान का चुनाव किया जा सके।
वारदात का क्रम और वहशीपन की इंतहा
मंगलवार की शाम विवेक ने अपनी खूनी योजना को अमलीजामा पहनाया। उसने सबसे पहले गणेशपुर सेक्टर रोड पर अपनी बड़ी बहन संगीता को निशाना बनाया और उसे गोली मार दी। इसके महज 10 से 15 मिनट के भीतर वह सुभाषनगर की गली नंबर पांच में पहुंचा, जहां उसने अपनी दूसरी बहन पुष्पा पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। पुष्पा के साथ मौजूद उसके साथी संदीप को भी विवेक ने नहीं बख्शा और उसे भी गोली मार दी। पुलिस के मुताबिक, संगीता काफी समय से अपने पति से अलग रह रही थी, जबकि पुष्पा ने भी अपने पहले पति और बच्चों को छोड़कर संदीप के साथ जीवन बिताना शुरू किया था। विवेक को लगता था कि उसकी दोनों बहनें गलत रास्ते पर हैं और इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ रहा है।
आपराधिक पृष्ठभूमि और अनसुलझे सवाल
विवेक का पिछला रिकॉर्ड भी विवादों से भरा रहा है। वह रुड़की के मालवीय चौक के पास एक कोचिंग सेंटर चलाता था, लेकिन वर्ष 2023 में नकल विरोधी कानून के तहत उसे जेल जाना पड़ा था। करीब 13 महीने जेल में रहने के दौरान वह अपराधियों के संपर्क में आया, जिससे उसके व्यवहार में काफी हिंसक बदलाव आ गया था। इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि एक सामान्य तमंचे से विवेक ने इतनी तेजी से सात राउंड फायरिंग कैसे की। दो-दो गोलियां दोनों बहनों को लगीं, दो संदीप को और एक निशाना चूक गई। इतनी जल्दी कारतूस लोड करने की क्षमता पर लोग अचरज जता रहे हैं, हालांकि पुलिस ने फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है।
तीसरी बहन को लेकर डर और मानसिक स्थिति
पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि विवेक की एक तीसरी छोटी बहन भी है जो शादीशुदा है। विवेक ने पुलिस को बताया कि उसे इस बात का डर सता रहा था कि संगीता और पुष्पा के प्रभाव में आकर कहीं उसकी तीसरी बहन का घर भी बर्बाद न हो जाए। उसे शक था कि ये दोनों बहनें छोटी बहन को भी गलत रास्ते पर ले जा सकती हैं। इसी शंका और सामाजिक बदनामी के डर ने विवेक को इस कदर पागल कर दिया कि उसने अपने ही खून से हाथ रंग लिए। फिलहाल आरोपी पुलिस की कस्टडी में है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

पुलिस ने इस पूरे मामले में हथियार की बरामदगी और अन्य साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस घटना ने पूरे रुड़की क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

 

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