पीपलकोटी। चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर धामी स्वयं ‘ग्राउंड जीरो’ पर पहुंच गए हैं। शुक्रवार को क्षेत्र में मौसम बेहद खराब होने और विजिबिलिटी कम होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचने का साहसिक निर्णय लिया। प्रतिकूल मौसम के कारण मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरी परिस्थितियों में हो सकी, लेकिन श्रमिकों की जान बचाने के संकल्प के आगे उन्होंने इन बाधाओं की परवाह नहीं की।
पीपलकोटी पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सीधे उस स्थल की ओर रवाना हुए जहां निर्माणाधीन टनल में मलबा आने से श्रमिक फंस गए थे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का स्थलीय निरीक्षण करना और बचाव कार्यों में जुटे अधिकारियों व एजेंसियों का मनोबल बढ़ाना है।
अधिकारियों और बचाव दलों के साथ समीक्षा
निरीक्षण के दौरान पुष्कर धामी ने मौके पर तैनात जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से अब तक की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सुरंग के भीतर मलबे की स्थिति, पानी के रिसाव और फंसे हुए शेष श्रमिकों तक पहुंचने के लिए अपनाई जा रही तकनीकी रणनीतियों पर गहन चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बचाव कार्यों में आधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ टीमों का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
| रेस्क्यू ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति |
| • कुल श्रमिक: प्रारंभिक सूचना के अनुसार सुरंग में कुल 22 लोग मौजूद थे। |
| • सुरक्षित निकाले गए: अब तक 16 श्रमिकों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया जा चुका है। |
| • जारी प्रयास: शेष बचे श्रमिकों को निकालने के लिए टीमें निरंतर काम कर रही हैं। |
| • चुनौतियां: टनल के भीतर भारी मलबा, कीचड़ और पानी का रिसाव मुख्य बाधा है। |
श्रमिकों का हाल जानने पहुंचे मुख्यमंत्री
रेस्क्यू स्थल का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने उन श्रमिकों से भी मुलाकात की जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है और जिनका उपचार स्थानीय चिकित्सा शिविरों व अस्पतालों में चल रहा है। पुष्कर धामी ने एक-एक कर घायलों का कुशलक्षेम जाना और उन्हें सांत्वना देते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके और उनके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ऋषिकेश एम्स भेजा जाए।
सरकार की प्राथमिकता: प्रत्येक जीवन की सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि सुरंग में फंसे प्रत्येक श्रमिक को सुरक्षित बाहर निकालना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि टनल हादसे की सूचना मिलने के बाद से ही वे लगातार शासन और जिला प्रशासन के संपर्क में हैं। खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमें ‘वार फुटिंग’ (युद्धस्तर) पर जुटी हुई हैं।
| रेस्क्यू में जुटी प्रमुख एजेंसियां |
| इस महा-अभियान में भारतीय सेना, आईटीबीपी (ITBP), एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस के जवान एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। साथ ही टीएचडीसी और एचसीसी कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ भी निरंतर मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। |
पुष्कर धामी के इस दौरे ने न केवल बचाव कार्यों में तेजी लाने का काम किया है, बल्कि आपदा की इस घड़ी में दिन-रात मेहनत कर रहे जवानों और अधिकारियों में भी एक नया उत्साह भरा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जब तक टनल से अंतिम व्यक्ति सुरक्षित बाहर नहीं आ जाता, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि टनल के पास सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। फिलहाल, पूरा फोकस उन जिंदगियों को बचाने पर है जो अभी भी सुरंग के भीतर अंधेरे में आशा की किरण तलाश रही हैं।