चमोली/देहरादून, 14 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले से एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई है। गुरुवार शाम लगभग 7:05 बजे जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी भर गया। इस हादसे के समय टनल के भीतर कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनके सुरंग में फंसे होने की सूचना से हड़कंप मच गया। टनल निर्माण का कार्य एचसीसी कंपनी द्वारा किया जा रहा था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर रात स्वयं मोर्चा संभाला और राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली।
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सीआईएसएफ के जवान मौके पर पहुंच गए और प्राथमिक बचाव अभियान शुरू किया। जैसे-जैसे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हुई, भारतीय सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की विशेष टीमों को भी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। प्रारंभिक सूचनाओं में 18 से 19 लोगों के फंसे होने की बात कही गई थी, लेकिन ताजा आंकड़ों के अनुसार सुरंग में कुल 22 व्यक्ति मौजूद थे। अब तक चलाए गए सघन अभियान के माध्यम से 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शेष बचे लोगों को खोजने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए अभियान पूरी रात जारी रहा।
मुख्यमंत्री ने आपदा केंद्र से की मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात देहरादून स्थित राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे। उन्होंने वहां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य संचार माध्यमों से चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार से संपर्क साधकर स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्य में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मशीनरी और संसाधनों को तत्काल तैनात किया जाए।
| टनल हादसे और रेस्क्यू का विवरण |
| • स्थान: मायापुर (पीपलकोटी), चमोली। |
| • परियोजना: टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग। |
| • फंसे हुए कुल लोग: 22 (नवीनतम आंकड़ों के अनुसार)। |
| • सुरक्षित निकाले गए: 16 लोग। |
| • बचाव टीमें: सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस। |
मजदूरों का बढ़ाया मनोबल
मुख्यमंत्री ने आपदा परिचालन केंद्र से ही सुरक्षित निकाले गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने मजदूरों का हाल-चाल जाना और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि पूरा राज्य उनके साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके उपचार और भविष्य के पुनर्वास के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, विशेषकर डिप्टी सीएमओ से भी बात की और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यदि किसी घायल की स्थिति गंभीर हो, तो उसे तत्काल हेलीकॉप्टर के माध्यम से ऋषिकेश एम्स या अन्य किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया जाए।
प्रशासनिक सक्रियता और आगामी रणनीति
घटनास्थल पर जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं मौजूद रहकर बचाव कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने मौके पर पर्याप्त एम्बुलेंस, रोशनी की व्यवस्था और मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनें तैनात की हैं। शासन स्तर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और सचिव विनोद कुमार सुमन भी मुख्यमंत्री के साथ बैठक में उपस्थित रहे और स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक टनल के भीतर फंसा अंतिम व्यक्ति सुरक्षित बाहर नहीं आ जाता, तब तक यह अभियान इसी तेजी के साथ जारी रहेगा। यह हादसा पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माणाधीन परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर भी चिंता पैदा करता है, हालांकि फिलहाल पूरा ध्यान केवल लोगों की जान बचाने पर केंद्रित है। चमोली का यह रेस्क्यू ऑपरेशन अब अपने निर्णायक चरण में है।