Uttarakhand: उत्तराखंड की महिलाओं को जल्द मिल सकता है बड़ा तोहफा रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कराने की तैयारी में धामी सरकार – The Hill News

Uttarakhand: उत्तराखंड की महिलाओं को जल्द मिल सकता है बड़ा तोहफा रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कराने की तैयारी में धामी सरकार

देहरादून। उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने दोबारा जीत हासिल करने के लिए अभी से अपनी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। इस रणनीति के तहत सरकार प्रदेश की महिलाओं को एक बड़ी सौगात देने की योजना बना रही है। ताजा जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड की महिलाओं को जल्द ही राज्य परिवहन की बसों में मुफ्त सफर करने की सुविधा मिल सकती है। इस महत्वपूर्ण कदम को महिला वोट बैंक को साधने और ‘मातृशक्ति’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

रोडवेज प्रबंधन ने भेजा औपचारिक प्रस्ताव
महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने की दिशा में प्रशासनिक कार्यवाही शुरू हो चुकी है। उत्तराखंड रोडवेज प्रबंधन ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इस प्रस्ताव में महिलाओं को रोडवेज की साधारण और श्रेणीवार बसों में बिना किसी शुल्क के यात्रा कराने की रूपरेखा तैयार की गई है। अब इस पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री स्तर से लगनी बाकी है। माना जा रहा है कि शासन स्तर पर इस प्रस्ताव की बारीकियों का अध्ययन किया जा रहा है, ताकि इसके वित्तीय भार और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को स्पष्ट किया जा सके।

मुफ्त यात्रा योजना के मुख्य बिंदु
• किसे मिलेगा लाभ: उत्तराखंड राज्य की सभी पात्र महिलाओं को।
• प्रस्ताव की स्थिति: रोडवेज प्रबंधन द्वारा शासन को भेजा जा चुका है।
• संभावित घोषणा: स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर।
• उद्देश्य: महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और आगामी चुनाव की तैयारी।

स्वतंत्रता दिवस पर हो सकती है घोषणा
प्रदेश की राजनीति में यह चर्चा जोरों पर है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस योजना का औपचारिक ऐलान 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर कर सकते हैं। लाल किले की प्राचीर से होने वाले राष्ट्रीय संबोधन के साथ-साथ राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री द्वारा दी जाने वाली यह सौगात प्रदेश की आधी आबादी के लिए बेहद खुशी का संदेश लेकर आ सकती है। यदि यह घोषणा होती है, तो यह धामी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा महिला केंद्रित फैसला माना जाएगा।

कर्मचारी संगठनों ने भी उठाई थी मांग
महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने की मांग केवल राजनीतिक गलियारों तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान परिषद ने पुरजोर मांग उठाई थी कि राज्य की सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में यात्रा को पूरी तरह मुफ्त किया जाए। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि इस पहल से न केवल महिलाओं का आवागमन सुगम होगा, बल्कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी।

चुनावी समीकरण और महिला वोट बैंक
उत्तराखंड की राजनीति में महिलाओं की भूमिका हमेशा से निर्णायक रही है। मतदान प्रतिशत के मामले में भी महिलाएं पुरुषों के मुकाबले काफी सक्रिय रहती हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा किसी भी स्तर पर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। मुफ्त बस सेवा के जरिए सरकार न केवल विपक्ष के दावों की हवा निकालना चाहती है, बल्कि खुद को महिलाओं के सबसे बड़े हितैषी के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश में है।

मुफ्त सफर की यह योजना उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जहाँ पर्वतीय क्षेत्रों में आवागमन का मुख्य साधन बसें ही हैं। फिलहाल, पूरे प्रदेश की निगाहें मुख्यमंत्री के आगामी संबोधन पर टिकी हैं। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो उत्तराखंड भी उन गिने-चुने राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहाँ महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन की सेवाएं नि:शुल्क हैं। सरकार का यह मास्टरस्ट्रोक आगामी चुनावों की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

 

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