शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने प्रदेश की जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका दिया है। मंगलवार मध्यरात्रि से पूरे राज्य में पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की कीमतों में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार, अब ईंधन की बिक्री पर ‘अनाथ एवं विधवा सेस’ (उपकर) वसूला जाएगा। सरकार का दावा है कि इस विशेष उपकर से एकत्रित होने वाली राशि का उपयोग निराश्रित बच्चों और विधवाओं के उत्थान व कल्याण के लिए किया जाएगा। हालांकि, इस फैसले ने आम आदमी और वाहन चालकों के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है।
शिमला में ईंधन के ताजा भाव
कीमतों में इस वृद्धि के बाद राजधानी शिमला के लक्कड़ बाजार स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की दर 103.27 रुपये प्रति लीटर और डीजल की दर 95.21 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर उनकी जेब पर पड़ रहा है।
| शिमला में नई दरें (प्रति लीटर) | कीमत (रुपये में) |
| पेट्रोल | 103.27 |
| डीजल | 95.21 |
| बढ़ोतरी (सेस) | 0.60 पैसे |
जनता की बढ़ी चिंताएं
वाहन चालक दुष्यंत दत्त और अन्य स्थानीय लोगों का मानना है कि ईंधन महंगा होने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ जाएगा। लोगों ने तर्क दिया कि यदि सरकार समाज कल्याण के लिए धन जुटाना चाहती है, तो उसे अपने मौजूदा बजट से इसका प्रावधान करना चाहिए था, न कि पेट्रोल-डीजल को महंगा करके।
आशंका जताई जा रही है कि तेल की कीमतें बढ़ने से माल ढुलाई का किराया भी बढ़ेगा। जब सामान ढोने वाले ट्रकों और छोटे वाहनों के रेट बढ़ेंगे, तो बाजार में मिलने वाली सब्जियां, राशन और अन्य रोजमर्रा की वस्तुएं भी महंगी हो जाएंगी। इसके अलावा टैक्सी और एम्बुलेंस का संचालन भी खर्चीला हो जाएगा, जिसका सीधा असर मरीजों और सामान्य यात्रियों पर पड़ेगा।
विपक्ष का सरकार पर कड़ा प्रहार
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जम्वाल ने इस निर्णय की कड़ी निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की आर्थिक नीति केवल “टैक्स बढ़ाओ और जनता को सताओ” के सिद्धांत पर चल रही है। जम्वाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार के पिछले निर्णयों की याद दिलाई।
| ईंधन पर टैक्स वृद्धि का इतिहास |
| • जनवरी 2023: डीजल पर वैट (VAT) को ₹4.40 से बढ़ाकर ₹7.40 किया गया (₹3 की वृद्धि)। |
| • जुलाई 2023: डीजल वैट में फिर ₹3 की बढ़ोतरी कर उसे ₹10.40 प्रति लीटर किया गया। |
| • अगस्त 2026: पेट्रोल और डीजल दोनों पर 60 पैसे का नया सेस लागू कर दिया गया। |
भाजपा नेता ने कहा कि सत्ता में आने के बाद से सरकार ने बार-बार वैट और सेस बढ़ाकर जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस जनविरोधी फैसले को तत्काल वापस लिया जाए ताकि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे प्रदेशवासियों को कुछ राहत मिल सके। फिलहाल, इस बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के परिवहन और व्यापारिक क्षेत्रों में भी चिंता की लहर है। अब देखना यह होगा कि क्या सरकार जनभावनाओं को देखते हुए इस सेस पर पुनर्विचार करती है या नहीं।
Pls read:Himachal: हिमाचल कैबिनेट विस्तार में कुल्लू का लंबा इंतजार होगा खत्म सुंदर सिंह ठाकुर की ताजपोशी तय