नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की वह भविष्यवाणी सच साबित हुई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इतिहास उनके प्रति तत्कालीन मीडिया और विपक्ष की तुलना में कहीं अधिक उदार रहेगा। 29 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री को क्लीन चिट देते हुए उनके खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक मामलों को बंद करने का आदेश दिया। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने डॉ. सिंह की ईमानदारी की सराहना करते हुए वर्तमान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
सोनिया गांधी ने एक लेख के माध्यम से कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ किया गया दुष्प्रचार दरअसल एक सोची-समझी साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईमानदारी और सच्चाई की प्रतिमूर्ति रहे डॉ. सिंह को बदनाम करने के लिए भाजपा, आरएसएस, नौकरशाही और मीडिया के एक वर्ग ने सुनियोजित तरीके से जाल बुना था। सोनिया गांधी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला हमारे सार्वजनिक विमर्श के सबसे दुखद अध्यायों में से एक का अंत है।
‘रेनकोट’ टिप्पणी पर बरसीं सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डॉ. मनमोहन सिंह पर किए गए व्यक्तिगत हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 8 फरवरी 2017 को राज्यसभा में पीएम मोदी की ‘रेनकोट पहनकर नहाने’ वाली टिप्पणी संसदीय गरिमा के इतिहास में सबसे निचले स्तर के रूप में दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह पर हमलों का मुख्य उद्देश्य जनता का ध्यान उनके शानदार शासन रिकॉर्ड और आर्थिक विकास की अभूतपूर्व उपलब्धियों से हटाना था।
| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुख्य बिंदु |
| • डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सीबीआई की क्लीन चिट को सही ठहराया। |
| • निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) द्वारा सिंह के खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द किया। |
| • बिना ठोस आधार के प्रतिकूल टिप्पणी करने के लिए ट्रायल कोर्ट को फटकार लगाई। |
| • डॉ. सिंह के खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक मामलों को औपचारिक रूप से बंद किया। |
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप
सोनिया गांधी ने ईमानदारी और जवाबदेही के मामले में डॉ. सिंह और पीएम मोदी की तुलना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार केंद्रीय एजेंसियों (ईडी और सीबीआई) का खुलेआम दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को डराने या उन्हें भाजपा में शामिल करने के लिए इन एजेंसियों को हथियार बनाया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा में शामिल होते ही दागी नेता ‘पाक-साफ’ हो जाते हैं, जबकि विपक्ष में रहने पर उन पर भ्रष्टाचार के विश्वसनीय आरोपों को सरकार नजरअंदाज करती है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और आर्थिक विकास का हवाला
कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन ने डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि उनके समय में विकास दर ऐतिहासिक रही और भारत मध्यम-आय वाले देशों की श्रेणी में पहुंचा। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह के शासन में सिविल सोसाइटी को ताकत मिली थी और छात्रों को सरकार के खिलाफ विरोध करने की पूरी आजादी थी, बिना किसी गोलीबारी के डर के। उन्होंने डॉ. सिंह द्वारा नियमित रूप से की गई बिना स्क्रिप्ट वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस और भारत-अमेरिका परमाणु समझौते जैसे ऐतिहासिक फैसलों का भी उल्लेख किया।
सोनिया गांधी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सिंह इस सच्चाई को देखने के लिए आज हमारे बीच नहीं हैं (उनका निधन 27 दिसंबर 2024 को हुआ था), लेकिन यह संतोष की बात है कि उनकी भविष्यवाणी हर बीतते दिन के साथ सच हो रही है। उन्होंने अंत में कहा कि इतिहास डॉ. सिंह को एक ऐसे प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा जिन्होंने अपनी विद्वता और संयम से देश को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।