Himachal: हिमाचल के गरीब परिवारों को बड़ी सौगात अब 10 लाख रुपये तक मिलेगा मुफ्त इलाज

शिमला, 6 अगस्त। हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के गरीब परिवारों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रस्तावित नीति के तहत पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। इसके लिए परिवारों को बेहद किफायती या नाममात्र का प्रीमियम देना होगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी बीमा राशि और न्यूनतम प्रीमियम के साथ इतनी व्यापक स्वास्थ्य योजना शुरू करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।

10 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
इस नई नीति के दायरे में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लगभग 10 लाख परिवारों को लाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी गरीब परिवार को बेहतर इलाज से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। इसके लिए प्रमुख मल्टी-स्पेशियलिटी और टियर-3 देखभाल अस्पतालों को भी योजना के पैनल में शामिल किया जाएगा ताकि मरीजों को गंभीर बीमारियों का आधुनिक इलाज मिल सके। यह नीति हर पात्र नागरिक के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

प्रस्तावित स्वास्थ्य बीमा योजना की मुख्य विशेषताएं
• गरीब परिवारों को ₹10 लाख तक का भारी-भरकम बीमा कवर।
• नाममात्र और बेहद किफायती प्रीमियम दरें।
• राज्य के लगभग 10 लाख परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ।
• बड़े मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल योजना के पैनल में होंगे शामिल।
• ऐसी व्यापक योजना लागू करने वाला हिमाचल देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

अस्पतालों का आधुनिकीकरण और एम्स मानक
स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चिकित्सा संस्थानों और शिक्षण संस्थानों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा निदान सेवाओं (डायग्नोस्टिक सर्विसेज) को ऑटोमेशन के माध्यम से अपग्रेड किया जा रहा है। इस पहल से मरीजों को समय पर और बिना किसी परेशानी के जांच की सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे उनका कीमती समय भी बचेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि राज्य के अस्पतालों के लिए सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद नई दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार ही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए ताकि जांच सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो और सटीक परिणाम मिल सकें।

प्रदेश में ही मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का संकल्प हिमाचल प्रदेश के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना है। इससे राज्य के लोगों को गंभीर बीमारियों के आधुनिक इलाज के लिए बाहरी राज्यों या बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। सरकार जिला अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है ताकि घर के पास ही बेहतर उपचार मिल सके।

इस उच्च स्तरीय बैठक में महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए तत्काल रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

 

Pls read:Himachal: शिमला में नशे के विरुद्ध पुलिस की सबसे बड़ी स्ट्राइक छह करोड़ मूल्य का चिट्टा बरामद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *