Uttarakhand: उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त कई मुख्य मार्ग बंद होने से बढ़ी यात्रियों की मुसीबतें

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। सोमवार की पूरी रात क्षेत्र में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, मंगलवार दोपहर के बाद मौसम में कुछ सुधार हुआ और बारिश थमने से स्थानीय प्रशासन और जनता ने राहत की सांस ली है। इस आपदा के बीच राहत की सबसे बड़ी खबर यह है कि प्रसिद्ध बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग फिलहाल सुचारू है और तीर्थयात्रियों की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी है।

ग्वालदम हाईवे पर मलबे का कब्जा
बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात सामान्य होने के बावजूद अन्य कई प्रमुख मार्गों पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। नारायणबगड़ के समीप पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और विशालकाय बोल्डर सड़क पर आ गिरे हैं, जिसके कारण ग्वालदम हाईवे यातायात के लिए पूरी तरह ठप हो गया है। मार्ग बंद होने से दोनों ओर वाहनों का लंबा जाम लगा हुआ है। सिर्फ मुख्य मार्ग ही नहीं, बल्कि जिले के लगभग 28 ग्रामीण संपर्क मार्ग भी मलबे की चपेट में आने से बंद पड़े हैं। इन रास्तों के बंद होने से दर्जनों गांवों का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है, जिससे ग्रामीणों को दैनिक उपभोग की वस्तुओं की आपूर्ति और आवाजाही में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जौनसार-बावर में तबाही और मानवीय मिसाल
बारिश का कहर केवल चमोली तक सीमित नहीं है, विकासनगर के जौनसार-बावर इलाके में भी भारी तबाही की खबरें हैं। रात भर हुई भारी बारिश के कारण क्षेत्र की कई सड़कें मलबे के ढेर में तब्दील हो गई हैं। साहिया-क्वानू मोटर मार्ग के तीसरे किलोमीटर पर स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब एक यूटिलिटी वाहन मलबे के बीच फंस गया। इस वाहन में एक महिला सवार थी जिसकी हालत काफी गंभीर थी। वाहन के फंसने और रास्ता अवरुद्ध होने के कारण मरीज को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया था। ऐसी विकट परिस्थिति में स्थानीय लोगों ने साहस का परिचय दिया और बीमार महिला को अपनी पीठ पर लादकर उबड़-खाबड़ रास्तों से होते हुए अस्पताल पहुंचाया।

कालसी-चकराता मार्ग पर लगा जाम
विकासनगर के ही जजरेड क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार गिर रहे मलबे ने कालसी-चकराता मार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया है। सड़क के दोनों किनारों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं, जिनमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ कई पर्यटक भी फंसे हुए हैं। प्रशासन ने मार्ग खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू कर दिया है और मौके पर जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं, जो सड़क से मलबा हटाने के प्रयास में जुटी हैं।

देहरादून में धंसी सड़कें
राजधानी देहरादून में भी मूसलाधार बारिश ने सड़कों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। सहारनपुर रोड पर भंडारीबाग के पास सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है, जिससे वहां गहरा गड्ढा हो गया है। इसी मार्ग पर दो अन्य स्थानों पर भी सड़कें धंसने की खबरें हैं। हादसों को रोकने के लिए स्थानीय निवासियों ने स्वयं पहल करते हुए गड्ढों के पास स्टैंड और संकेतक लगाए हैं ताकि वाहन चालक सचेत रहें।

 

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