पुरुकुल (मसूरी)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए मंगलवार को पुरुकुल में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 17 करोड़ 80 लाख रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन योजनाओं में बुनियादी ढांचे के सुधार से लेकर सामाजिक सरोकारों तक के कार्यों को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुण्डीर की स्मृति में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का भी लोकार्पण किया और क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार विकास के पथ पर बिना रुके और बिना थके निरंतर आगे बढ़ती रहेगी।
पर्यटन और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में मसूरी की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि पहाड़ों की रानी मसूरी न केवल प्रदेश बल्कि देश के प्रमुख पर्यटन और ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। यहाँ की शांत वादियाँ और प्राकृतिक सुंदरता दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करती है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार पुरुकुल में ‘सैन्य धाम’ का निर्माण कर रही है। साथ ही, मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक जाने वाली लगभग 13 किलोमीटर मुख्य सड़क के उच्चीकरण का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
गाँवों तक पहुँचा शुद्ध पेयजल और बिजली
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत गंगोल-पंडितवाड़ी पेयजल योजना के माध्यम से अनेक गांवों तक शुद्ध पानी पहुँचाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इसके अलावा, ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांवों में विद्युतीकरण का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे दशकों से अंधेरे में रह रहे परिवारों के जीवन में नई रोशनी आई है। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए मालदेवता लाल पुल से सुआखोली तक के मार्ग का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बाल्दी नदी के किनारों पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों का भी उल्लेख किया, जो स्थानीय बस्तियों को सुरक्षा प्रदान करेंगे।
सख्त कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक जंग
पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों की चर्चा करते हुए कहा कि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) और दंगों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले दंगाइयों से ही भरपाई करने वाले कानून को कानून का राज स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर बताया। विशेष रूप से नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नकल माफियाओं का जाल तोड़ने के कारण ही आज प्रदेश के 34 हजार से अधिक मेधावी युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिल सकी हैं।
आर्थिक प्रगति और पलायन रोकने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ जानकारी साझा की कि नीति आयोग द्वारा जारी ‘सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स’ में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। सरकार की स्टार्टअप नीति, ‘होम स्टे योजना’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलों के कारण प्रदेश में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहाँ किसी भी युवा को रोजगार की तलाश में अपनी जड़ों को छोड़कर पलायन न करना पड़े। वे चाहते हैं कि उत्तराखंड की मातृशक्ति पूरी तरह सशक्त और आत्मनिर्भर बने, ताकि वे राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।
विपक्ष की नकारात्मकता पर प्रहार और जनसहभागिता
पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग उपलब्धियों के अभाव में अफवाहें फैलाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन जनता उनकी सच्चाई जानती है। कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि मसूरी विधानसभा में विकास कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। इस अवसर पर ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, वीर सिंह चौहान, नेहा जोशी, सीमा पुंडीर और लक्ष्मण सिंह रावत सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जनता ने इन विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।