Uttarakhand: लोकसभा में नकल विरोधी संशोधन विधेयक पारित होना ऐतिहासिक, मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकसभा में ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026’ के सफलतापूर्वक पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस विधायी सफलता को देश के करोड़ों मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के हितों की रक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह नया कानून न केवल परीक्षा प्रणाली में व्याप्त खामियों को दूर करेगा, बल्कि युवाओं के भीतर व्यवस्था के प्रति एक नया विश्वास भी पैदा करेगा।


ऐतिहासिक निर्णय और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह विधेयक देश के उन लाखों अभ्यर्थियों के सपनों को सुरक्षा प्रदान करेगा जो दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की सरकार की अडिग इच्छाशक्ति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान है, और यह संशोधन विधेयक इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए लाया गया है।


संगठित अपराध और पेपर लीक माफियाओं पर नकेल
विधेयक के प्रावधानों की सराहना करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह कानून परीक्षा माफियाओं, पेपर लीक गिरोहों और संगठित नकल में शामिल अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई को और अधिक सशक्त बनाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकल और पेपर लीक जैसे कृत्य केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि एक सामाजिक अपराध हैं जो योग्य उम्मीदवारों का हक छीनते हैं। इस संशोधित कानून के माध्यम से अब जांच एजेंसियों और प्रशासन के पास ऐसी ताकतों को कुचलने के लिए अधिक कानूनी शक्तियां होंगी, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।


परीक्षाओं की सुदृढ़ता और पवित्रता बनाए रखने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने का जो संकल्प लिया है, लोकसभा में इस संशोधन विधेयक का पारित होना उसी अटूट संकल्प का प्रमाण है। उन्होंने रेखांकित किया कि भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कानून के धरातल पर उतरने से पूरे देश की परीक्षा प्रणाली पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी और चयन की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का कोई स्थान नहीं बचेगा। इससे परीक्षाओं के आयोजन में लगे संस्थानों की जवाबदेही भी तय होगी।


प्रधानमंत्री के ‘नकल मुक्त भारत’ के विजन की सराहना
पुष्कर सिंह धामी ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह निर्णय “नकल मुक्त भारत” के संकल्प को एक नई और ऊर्जावान गति प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब देश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी और दोषमुक्त होगी, तभी योग्य एवं परिश्रमी अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि उत्तराखंड सरकार भी केंद्र के इन प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है और राज्य में भी नकल माफियाओं के खिलाफ इसी तरह के सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे ताकि देवभूमि के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे।

 

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