Himachal: पहाड़ी से गिरी चट्टानों ने छीनीं 13 जिंदगियां, कुल्लू से पांगी जा रही टैक्सी मलबे में दबी – The Hill News

Himachal: पहाड़ी से गिरी चट्टानों ने छीनीं 13 जिंदगियां, कुल्लू से पांगी जा रही टैक्सी मलबे में दबी

पांगी। जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें पहाड़ी से गिरी भारी-भरकम चट्टानों की चपेट में आने से एक टैक्सी में सवार सभी 13 लोगों की जान चली गई। तांदी-संसारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कडू नाला के पास हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। कुल्लू से पांगी की ओर जा रही टाटा सूमो टैक्सी उस समय मलबे के नीचे दब गई, जब पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभरा कर सड़क पर आ गिरा।


सड़क खुलने के कुछ देर बाद ही हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, टाटा सूमो (वाहन संख्या एचपी-01एम-2210) कुल्लू से अपने गंतव्य पांगी की ओर बढ़ रही थी। गुरुवार को उदयपुर-किलाड़ मार्ग भूस्खलन के कारण बंद था, जिस वजह से इस टैक्सी में सवार सभी यात्री रास्ते में पड़ने वाले तिंदी नामक स्थान पर रुके हुए थे। शुक्रवार सुबह जब प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया, तो यह वाहन पांगी के लिए रवाना हुआ। दोपहर के समय जैसे ही वाहन कडू नाला के समीप पहुंचा, पहाड़ी से अचानक भारी मलबा और विशालकाय चट्टानें नीचे गिरने लगीं। वाहन चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरी टैक्सी मलबे के ढेर में दब गई।


राहत एवं बचाव कार्य में जुटी विभिन्न एजेंसियां
हादसे की सूचना मिलते ही पास में ही काम कर रहे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और प्राथमिक स्तर पर राहत कार्य शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए लाहुल पुलिस, तिंदी थाना पुलिस और उदयपुर प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच गईं। जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासन के उच्च अधिकारी स्थिति का जायजा लेने और बचाव कार्यों को गति देने के लिए मौके पर मौजूद हैं। इसके अलावा, पांगी के कार्यकारी आवासीय आयुक्त एवं एसडीएम अमनदीप सिंह भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।


चुनौतीपूर्ण बना बचाव अभियान और मृतकों की शिनाख्त
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, वाहन में ड्राइवर समेत कुल 13 लोग सवार थे और प्रारंभिक सूचना के मुताबिक किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं है। हालांकि, जिला प्रशासन ने अभी तक मृतकों की पहचान के संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और खराब मौसम के कारण बचाव दल को मलबे के नीचे दबे वाहन तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मशीनरी की मदद से युद्ध स्तर पर चट्टानों और मलबे को हटाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि शवों को बाहर निकाला जा सके।


अफवाहों से बचने की अपील
हादसे के बाद प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से संवेदनशील रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि जब तक मृतकों की पहचान स्पष्ट नहीं हो जाती और परिजनों को सूचित नहीं कर दिया जाता, तब तक किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाहों को न फैलाएं। केवल आधिकारिक सूत्रों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें। क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए राहगीरों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

 

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