Delhi: संसद में नीट पेपर लीक पर घमासान सरकार चर्चा को तैयार पर विपक्ष शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी पर अड़ा

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में नीट पेपर लीक का मुद्दा गरमाया हुआ है, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। गुरुवार को संसद भवन परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी दलों ने मकर द्वार पर एकजुट होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग उठाई। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच जुबानी जंग तेज हो गई, जिससे सदन का माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।


किरेन रिजिजू का चर्चा के लिए खुला प्रस्ताव
विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने सदन से अपील करते हुए कहा कि सरकार नीट पेपर लीक के मुद्दे पर किसी भी तारीख को और जितने समय तक विपक्ष चाहे, विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। रिजिजू ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर सुझाव साझा करने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने विपक्ष से हाथ जोड़कर निवेदन किया कि चर्चा का समय तय करें और इसे राजनीतिक रंग देने के बजाय समाधान की दिशा में काम करें। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष बहाने बनाकर चर्चा से बचना चाहता है ताकि जमीनी हकीकत सामने न आ सके।


मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी का सरकार पर हमला
इससे पूर्व, मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणियों को भड़काऊ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर घोटाले पर जवाबदेही से भाग रही है। इंडिया ब्लॉक के नेताओं, जिनमें राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी शामिल थे, ने मकर द्वार पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक कोई भी चर्चा अधूरी रहेगी। विपक्ष का तर्क है कि पेपर लीक के कारण लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर है और सरकार को इस पर स्पष्ट स्पष्टीकरण देना चाहिए।


एनडीए सांसदों का भी प्रदर्शन और राज्यों में लीक का मुद्दा
दिलचस्प बात यह रही कि आज एनडीए के सदस्यों ने भी संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि नीट पेपर लीक पर केवल केंद्र के स्तर पर ही नहीं, बल्कि उन सभी राज्यों की स्थिति पर भी चर्चा की जानी चाहिए जहां हाल के दिनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। सत्ता पक्ष का कहना है कि वे पूरे देश में फैली इस समस्या पर एक विस्तृत बहस चाहते हैं ताकि दोषियों की पहचान की जा सके और भविष्य के लिए एक ठोस नीति तैयार की जा सके।


भाजपा की चुनौती और विपक्ष पर दोहरापन का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी दल संसदीय बहस से भाग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार हो जाता है, तो उसका दोहरापन जनता के सामने उजागर हो जाएगा। नवीन ने राहुल गांधी की तुलना एक ‘भगोड़े’ से करते हुए कहा कि एनडीए सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल युवाओं को उकसाने और गुमराह करने का काम कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने युवाओं के भविष्य को सकारात्मक दिशा दी है, जबकि विपक्ष का इतिहास युवाओं के साथ धोखा करने का रहा है।


संसद में गतिरोध बरकरार
फिलहाल संसद के दोनों सदनों में नीट मामले को लेकर गतिरोध बना हुआ है। जहां सरकार बहस के लिए मेज पर आने का निमंत्रण दे रही है, वहीं विपक्ष ‘इस्तीफे’ की मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस राजनीतिक खींचतान के बीच नीट यूजी काउंसिलिंग के शेड्यूल का इंतजार कर रहे लाखों छात्र असमंजस की स्थिति में हैं। दोनों पक्षों के अड़ियल रुख के कारण संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है, जिससे अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्यों पर भी संकट मंडरा रहा है।

 

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