शिमला, 21 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सोमवार देर शाम ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल का विधिवत शुभारंभ किया। यह प्रदेश का अपनी तरह का पहला एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो न केवल तकनीकी संस्थानों और छात्रों को उद्योगों से जोड़ेगा, बल्कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और सुगम भी बनाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से प्रदेश के युवाओं को अपनी योग्यता के अनुसार सही स्थान पर काम करने का अवसर प्राप्त होगा।
युवाओं और उद्योगों के बीच बनेगा मजबूत सेतु
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पोर्टल के उद्घाटन के अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य कौशल विकास और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। यह पोर्टल एक ऐसे पुल की तरह काम करेगा जो प्रशिक्षित युवाओं और उनकी तलाश कर रहे उद्योगों के बीच की दूरी को खत्म करेगा। इस मंच के माध्यम से उद्योगों को उनकी जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन मिल सकेंगे, वहीं छात्रों को दर-दर भटकने के बजाय एक ही स्थान पर सभी उपलब्ध नौकरियों की जानकारी प्राप्त हो जाएगी। यह डिजिटल प्रयास राज्य में बेरोजगारी दर को कम करने और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
छात्रों और नियोक्ताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया
इस पोर्टल का लाभ उठाने के लिए छात्रों को अपनी एक विस्तृत प्रोफाइल तैयार करनी होगी। इसमें वे अपनी शैक्षणिक योग्यता, विशेष कौशल, प्राप्त प्रशिक्षण और अपने प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप में अपलोड कर सकेंगे। इसके माध्यम से छात्र न केवल उपलब्ध नौकरियों को देख सकेंगे, बल्कि सीधे ऑनलाइन आवेदन भी कर पाएंगे और अपने चयन की स्थिति का भी पता लगा सकेंगे। दूसरी ओर, नियोक्ताओं को भी इस पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। वे अपनी कंपनी में रिक्त पदों का विवरण साझा कर सकेंगे और अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप योग्य उम्मीदवारों की सूची देखकर उनका चयन कर सकेंगे।
164 तकनीकी संस्थानों का हुआ एकीकरण
वर्तमान में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से हिमाचल प्रदेश के कुल 164 तकनीकी शिक्षण संस्थान जुड़ चुके हैं। इनमें 136 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), 18 पॉलिटेक्निक कॉलेज, 5 इंजीनियरिंग कॉलेज और 5 फार्मेसी कॉलेज शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, ‘हिम एक्सेस इंटीग्रेशन’ पोर्टल के माध्यम से अब तक 26,168 छात्रों ने अपना पंजीकरण पूरा कर लिया है। सरकार ने इनमें से 23,054 छात्रों की स्किल मैपिंग का कार्य भी पूरा कर लिया है, जिससे उनकी क्षमताओं का सही आकलन किया जा सके। इसके अलावा, अब तक लगभग 97 प्रतिष्ठित नियोक्ता भी इस पोर्टल पर सक्रिय हो चुके हैं।
कुशल श्रमिकों को भी मिलेगा काम का अवसर
इस पोर्टल की एक और बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल कॉलेज के छात्रों तक ही सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर और अन्य ट्रेडों से जुड़े कुशल श्रमिक भी इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को अल्पकालिक कार्यों या घरेलू मरम्मत जैसे कामों के लिए प्रमाणित और कुशल कारीगर आसानी से मिल सकेंगे। यह पहल असंगठित क्षेत्र के कुशल श्रमिकों को एक व्यवस्थित बाजार प्रदान करेगी और उनकी आय के साधनों में वृद्धि करेगी।
औद्योगिक समन्वय और भविष्य की राह
सरकार का मानना है कि शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वय की कमी के कारण अक्सर योग्य युवाओं को सही समय पर अवसर नहीं मिल पाता। ‘तकनीकी रोजगार सेतु’ पोर्टल इसी खामी को दूर करेगा। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विश्वास व्यक्त किया कि यह पोर्टल प्रदेश के युवाओं की रोजगार क्षमता (एम्प्लॉयबिलिटी) को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। भविष्य में इसमें और भी कई नई सुविधाओं को जोड़ा जाएगा ताकि हिमाचल प्रदेश का युवा वैश्विक मानकों के अनुरूप रोजगार प्राप्त करने में सक्षम हो सके। प्रशासन इस पोर्टल की सफलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से इसकी निगरानी भी करेगा।