गोपेश्वर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में बुधवार को चमोली जिले के गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ पखवाड़े के अंतर्गत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर में मुख्यमंत्री ने आम जनता की समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि दर्जनों मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर सुशासन की मिसाल पेश की। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को मौके पर ही सहायता सामग्री और वित्तीय लाभ प्रदान किए गए।
इस भव्य शिविर में कुल 7,472 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशासन की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विभिन्न विभागों को प्राप्त हुए 1,737 आवेदनों का निस्तारण कार्यक्रम के दौरान ही कर दिया गया। इसके अलावा, जनता की ओर से कुल 203 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिनमें से 172 का समाधान मुख्यमंत्री के निर्देश पर तुरंत किया गया। शेष शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर के माध्यम से कुल 4,632 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया।
सरिता देवी का सपना हुआ साकार
शिविर में सबसे भावुक क्षण तब आया जब विकासखंड नन्दानगर के ग्राम खलतरा से आईं सरिता देवी ने अपनी समस्या साझा की। उन्होंने बताया कि उनके क्षेत्र में झंगोरे की पैदावार तो अच्छी होती है, लेकिन प्रोसेसिंग मशीन न होने से किसानों को उनकी फसल का उचित दाम नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को तत्काल स्वीकार करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया। परिणामस्वरूप, शिविर स्थल पर ही सरिता देवी को झंगोरा मंड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन सौंप दी गई, जिससे उनकी वर्षों पुरानी समस्या हल हो गई।
अन्य शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने अन्य फरियादियों की समस्याओं पर भी कड़ा रुख अपनाया। ग्राम रौली ग्वाड़ के नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए बीज की मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एक माह के भीतर बीज उपलब्ध कराने का आदेश दिया। ज्योतिर्मठ के बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा को पोल्ट्री फार्म के लिए आवश्यक सहायता राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत स्वीकृत की गई। वहीं, कौजपोथनी निवासी जयदीप सिंह की ठेकेदारी पंजीकरण संबंधी शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को उसी दिन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
वित्तीय सहायता और सम्मान का वितरण
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के चेक और किट भी वितरित किए। महिला सशक्तिकरण विभाग की ओर से 6 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट दी गई। समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान राशि प्रदान की। कृषि क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाली कंपनियों और स्वयं सहायता समूहों को भी सम्मानित किया गया। सहकारिता विभाग ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण के चेक सौंपे। उद्यान विभाग द्वारा मशरूम उत्पादन, कीवी मिशन और पॉलीहाउस निर्माण के लिए लाखों रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
हरेला पर्व के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देने के लिए प्रकृति का संरक्षण अनिवार्य है। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी, विधायक भूपाल राम टम्टा, अनिल नौटियाल, लखपत बुटोला, जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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