Uttarakhand: जनता की सेवा ही सरकार का परम धर्म चमोली में बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर के पुलिस मैदान में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का मूल मंत्र केवल सत्ता का संचालन नहीं, बल्कि जनता की निस्वार्थ सेवा करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे जनता की दहलीज तक पहुंच रहा है ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े। यह अभियान शासन और जनता के बीच की दूरियों को खत्म करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ सरकार की सफलता साझा करते हुए बताया कि ‘जन-जन की सरकार’ अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर के छह लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया और करीब साठ हजार लोगों की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और समर्पण के पांच वर्ष पूर्ण होने पर सरकार अपनी जवाबदेही तय कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सीमांत गांव को देश का पहला गांव’ मानने के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का तीसरा दशक अब धरातल पर विकास के रूप में दिखाई दे रहा है।

चमोली में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार की लहर
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चमोली जनपद में हुए सामाजिक और आर्थिक बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। चमोली की 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं, जिनमें से 25 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। इसके अलावा, किसान सम्मान निधि के जरिए जिले के 48 हजार किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की सीधी आर्थिक मदद पहुंचाई गई है।

विकास और निवेश की नई ऊंचाइयां
राज्य की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखंड में अब तक 3.75 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू भी हो चुका है। इससे राज्य में ‘रिवर्स पलायन’ की स्थिति पैदा हो रही है और युवा वापस आकर अपने गांवों में स्वरोजगार अपना रहे हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि पारदर्शिता के साथ अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

धार्मिक आस्था और सुरक्षा पर कड़ा रुख
मुख्यमंत्री ने चमोली के सीमांत क्षेत्रों और बदरीनाथ धाम के मास्टर प्लान के तहत हो रहे विकास कार्यों की सराहना की। इस दौरान उन्होंने बदरीनाथ मंदिर में हुए चोरी प्रकरण पर बेहद कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि आस्था के केंद्र में हुई यह घटना अत्यंत गंभीर है और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी जो एक उदाहरण बनेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अपराधियों को कानून के लंबे हाथों से बचने नहीं दिया जाएगा।

 

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