जिला मुख्यालयों में भजन कीर्तन के साथ निकाला मार्च
ऊना/धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना रोष प्रकट किया। इस प्रदर्शन की खास बात यह रही कि कांग्रेस ने केवल नारेबाजी ही नहीं की, बल्कि विभिन्न मंदिरों में जाकर भजन-कीर्तन और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से अपनी धार्मिक आस्था और न्याय के प्रति संकल्प को प्रदर्शित किया।
राजधानी शिमला में जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल के नेतृत्व में कांग्रेस मुख्यालय से राम मंदिर तक एक विशाल विरोध रैली निकाली गई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों पर होने वाली इस तरह की घटनाएं न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर गहरा आघात हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
धर्मशाला में भी विरोध की गूंज सुनाई दी, जहाँ जिला कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य अनुराग शर्मा की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य डाकघर से हनुमान मंदिर कचहरी तक पैदल मार्च निकाला। इस पदयात्रा में प्रदेश सरकार के कई मंत्री और विधायक भी शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। पदयात्रा का समापन हनुमान मंदिर में हुआ, जहाँ सभी नेताओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किया।
ऊना में भी इसी तरह का माहौल देखने को मिला। जिला कांग्रेस कमेटी ने विश्राम गृह से बस स्टैंड तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद टक्का रोड स्थित मंदिर में भगवान श्रीराम के चरणों में सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। ऊना की जिला प्रभारी चंद्रप्रभा नेगी ने कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर पूरे विश्व के लिए पूजनीय है और वहाँ से चढ़ावे की चोरी होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना से भक्तों का मन व्यथित है।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्रियों की मौजूदगी ने इसे और अधिक प्रभावी बना दिया। कृषि मंत्री चंद्र कुमार, मंत्री यादविन्द्र गोमा, और कई विधायकों ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर की गरिमा बनाए रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई और सच्चाई सामने नहीं आई, तो पार्टी अपने लोकतांत्रिक विरोध को और अधिक तेज करेगी। पूरे प्रदेश में हुए इन आयोजनों के माध्यम से कांग्रेस ने धार्मिक मूल्यों की रक्षा और सत्य की विजय का संदेश देने का प्रयास किया।
इस विरोध प्रदर्शन के जरिए हिमाचल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की निगरानी में चल रहे मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं और इसे एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी का मानना है कि आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह मुद्दा हिमाचल की राजनीति में और अधिक गरमा सकता है।