Uttarakhand: बद्रीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामले में बड़ी कार्रवाई एसआईटी ने निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को लिया हिरासत में

गोपेश्वर। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे की गिनती के दौरान हुई कथित हेराफेरी और चोरी के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। चमोली पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस प्रकरण के मुख्य आरोपित और बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। एसआईटी टीम का नेतृत्व कर रहे डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने इस गिरफ्तारीनुमा हिरासत की पुष्टि की है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच वर्तमान में तीन अलग-अलग स्तरों पर चल रही है। जहां मंदिर समिति अपने स्तर पर विभागीय जांच कर रही है, वहीं पुलिस की एसआईटी आपराधिक पहलुओं को खंगाल रही है। इसके साथ ही, गढ़वाल कमिश्नर की देखरेख में पूरी व्यवस्थागत खामियों की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। प्रमोद नौटियाल के साथ-साथ मंदिर समिति के चार अन्य कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। इनमें सीसीटीवी निगरानी रखने वाले कर्मी, एक वरिष्ठ अधिकारी और सहायक लेखाकार शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान एक नाटकीय मोड़ तब आया जब वैयक्तिक सहायक के पद पर रहे प्रमोद नौटियाल की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। बताया जा रहा है कि पुलिस के सवालों के सामने वह बुरी तरह कांपने लगा और उसने ठंड लगने की शिकायत की। स्थिति को देखते हुए एसआईटी के सदस्यों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके लिए कपड़ों की व्यवस्था की और उसे चाय पिलाई, जिसके बाद पूछताछ का सिलसिला दोबारा शुरू हुआ।

इस कार्रवाई के बीच देहरादून में प्रमोद नौटियाल के परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि सादे कपड़ों में आए कुछ लोग प्रमोद को देहरादून स्थित नेहरू कॉलोनी आवास से अपने साथ ले गए। जब काफी देर तक उसका पता नहीं चला, तो उसकी पत्नी हेमलता नौटियाल ने स्थानीय चौकी में तहरीर दी। परिवार का तर्क है कि उच्च न्यायालय ने प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी पर 16 जुलाई तक रोक लगा रखी है, ऐसे में पुलिस की इस तरह की कार्रवाई विधि विरुद्ध है। परिजनों ने उसके अपहरण की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

एसआईटी के सामने इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती साक्ष्यों को जुटाना है। जांच में यह बात सामने आई है कि बद्रीनाथ धाम में स्थापित सीसीटीवी कैमरों का केवल पिछले डेढ़ महीने का रिकॉर्ड ही उपलब्ध है। पुराने रिकॉर्ड को रिकवर करना और डीवीआर से छेड़छाड़ की संभावनाओं की जांच करना पुलिस के लिए कठिन कार्य साबित हो रहा है। एसआईटी ने मंदिर समिति से पिछले तीन सालों का रिकॉर्ड और कर्मचारियों की ड्यूटी का विवरण मांगा है, जिससे कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

प्रमोद नौटियाल को मंदिर समिति ने गड़बड़ी सामने आने के बाद तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था और उसके विरुद्ध कानूनी मामला दर्ज कराया था। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चढ़ावे की इस हेराफेरी में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं और यह खेल कब से चल रहा था।

 

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