Uttarakhand: नई टिहरी में अनियंत्रित भू-कटान से सरकारी आवासों पर बढ़ा खतरा अंबिका सजवाण के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तेज

नई टिहरी। जिला मुख्यालय नई टिहरी के ब्लॉक-सी क्षेत्र में कथित रूप से किए गए अवैध और अनियंत्रित भू-कटान ने सरकारी संपत्ति और वहां रहने वाले दर्जनों परिवारों की सुरक्षा को संकट में डाल दिया है। इस लापरवाही के कारण क्षेत्र में भू-धंसाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे सरकारी फ्लैटों की नींव हिल गई है। जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से प्रभावित इलाके में बैरिकेडिंग कर दी है और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही, खतरे की जद में आए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई भी प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर शुरू कर दी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नई टिहरी के ब्लॉक-सी स्थित भूखंड संख्या पी-06 और पी-07 पर पिछले कुछ समय से विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही थी। यह कटान इतना गहरा और अनियंत्रित था कि इसके ठीक ऊपर स्थित पहाड़ी पर बने सरकारी फ्लैटों की जमीन खिसकने लगी। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये दोनों विवादित भूखंड पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की पत्नी अंबिका सजवाण द्वारा खरीदे गए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंबिका सजवाण मूल रूप से विस्थापित पात्रों की श्रेणी में नहीं आती हैं, फिर भी उनके द्वारा इन भूखंडों पर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य के लिए खुदाई करवाई गई।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस अनियंत्रित खुदाई की वजह से पहाड़ी का हिस्सा काफी कमजोर हो गया है। खुदाई का प्रभाव इतना अधिक था कि ऊपर स्थित सरकारी भवनों की नींव तक खिसक गई है। वर्तमान में ये भवन असुरक्षित हो गए हैं और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। किसी भी संभावित जन-धन की हानि को रोकने के लिए प्रशासन ने न केवल इलाके को सील कर दिया है, बल्कि परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेशों के तहत सुरक्षात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं।

वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड), नई टिहरी के अधिशासी अभियंता के निर्देशन में प्रभावित स्थल पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह निर्माण कार्य परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय के वाद संख्या 02/2026 में पारित आदेशों के अनुपालन में किया जा रहा है ताकि भू-धंसाव को आगे बढ़ने से रोका जा सके और सरकारी फ्लैटों को गिरने से बचाया जा सके। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते यह सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई, तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।

इस मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अवैध भू-कटान को लेकर कानूनी लड़ाई भी शुरू कर दी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से अंबिका सजवाण के विरुद्ध परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय, टिहरी गढ़वाल में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 152 के तहत वाद दायर किया गया है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों की अनदेखी कर सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। मामले में नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है और न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

 

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