Uttarakhand: राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, चुनाव के समय नेताओं का आना सामान्य बात

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चुनावी सरगर्मियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित देहरादून दौरे ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के इस दौरे पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे महज एक चुनावी औपचारिकता करार दिया है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जब चुनाव का समय नजदीक आता है, तो राजनेताओं का विभिन्न राज्यों में आना-जाना लगा रहता है और इसमें कुछ भी नया या गंभीर नहीं है।

राहुल गांधी 17 जुलाई को उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं, जहां वे राजधानी देहरादून में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन के माध्यम से कांग्रेस युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के स्वागत और कार्यक्रम की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा इस दौरे को लेकर लगातार कटाक्ष कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि यदि कांग्रेस नेता चुनाव से पहले राज्य की समस्याओं को लेकर गंभीर होते और यहां का दौरा करते, तो उसे गंभीरता से लिया जा सकता था, लेकिन ऐन चुनाव के वक्त आना उनकी राजनीतिक मजबूरी को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान राज्य के एक अत्यंत संवेदनशील मुद्दे ‘पेपर लीक’ पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं कांग्रेस के शासनकाल के दौरान होती थीं। उन्होंने दावे के साथ कहा कि उनकी वर्तमान सरकार में इस तरह की कोई भी गड़बड़ी नहीं हुई है। पुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा कि पेपर लीक जैसे मुद्दों पर कांग्रेस को सवाल पूछने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस को यह सवाल खुद से और अपनी पार्टी के उन लोगों से पूछना चाहिए जिनके समय में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के इस दौर में अब कांग्रेस के कई बड़े नेता उत्तराखंड की तरफ रुख करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनावी मौसम में नेताओं का इस तरह सक्रिय होना एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे जनता भी अच्छी तरह समझती है। उन्होंने संदेश दिया कि राज्य की जनता विकास और ट्रैक रिकॉर्ड को देखती है, न कि चुनावी दौरों को। धामी के इस बयान से साफ है कि भाजपा राहुल गांधी के दौरे को ‘इलेक्शन टूरिज्म’ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी का प्रस्तावित सम्मेलन देहरादून में छात्रों की समस्याओं और उनकी आवाज को मंच देने के लिए आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस इस आयोजन के जरिए युवाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री के बयानों ने इस दौरे से पहले ही राजनीतिक माहौल को काफी गर्मा दिया है। अब देखना यह होगा कि 17 जुलाई को राहुल गांधी देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री के इन तीखे हमलों का क्या जवाब देते हैं और छात्रों के बीच अपनी कितनी पकड़ बना पाते हैं।

राहुल गांधी का प्रस्तावित देहरादून दौरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 17 जुलाई 2026 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंचेंगे। उनके इस दौरे का मुख्य आकर्षण ‘छात्रों की गूंज’ सम्मेलन है, जिसमें वे प्रदेश भर से आए छात्र-छात्राओं और युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरे की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह चुनावी बताया है और कहा है कि कांग्रेस को युवाओं के भविष्य और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि ये समस्याएं कांग्रेस के दौर की ही देन हैं।

 

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