देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि देवभूमि आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुख-सुविधाओं और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। धामी ने देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं का उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत करते हुए उनसे शांत वातावरण में यात्रा का आनंद लेने और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई घटनाओं का संज्ञान लेते हुए कहा कि इन प्रकरणों में राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस निष्पक्ष जांच कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। धामी ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आह्वान करते हुए स्पष्ट किया कि जो लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ खबरें फैलाकर समुदायों को बांटने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं के आंकड़ों में रिकॉर्ड वृद्धि
बैठक के दौरान चारधाम यात्रा की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंट साहिब की यात्रा में भी इस साल भारी उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा के शुरुआती दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 हजार अधिक दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सिख गुरुओं द्वारा स्थापित तीन प्रमुख पवित्र स्थल—हेमकुंट साहिब, रीठा साहिब और नानकमत्ता साहिब—स्थित हैं, जो करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के अनुरूप यहां आने वाले हर व्यक्ति का सत्कार करना देवभूमि की परंपरा है।
धार्मिक स्थलों की मर्यादा और सामाजिक सद्भाव
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के सभी धार्मिक स्थल श्रद्धा और प्रेरणा के केंद्र हैं, जहां से समाज को सकारात्मक मार्गदर्शन मिलता है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में ऐसा कोई कृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा, जिससे किसी व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचे या किसी की धार्मिक आस्था को नुकसान हो। उन्होंने सभी समस्याओं के समाधान के लिए संवाद, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण को आवश्यक बताया।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्मों के लोगों ने मिलकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है, इसलिए किसी को भी आपसी एकता बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि वह निरंतर स्थिति पर नजर रखे और श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर असुविधा न होने दे।
बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड सरकार चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।