शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ से ‘ओलंपिक रन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दौड़ शहर के बीचों-बीच सीटीओ से होते हुए इंदिरा गांधी राज्य खेल परिसर में समाप्त हुई। इस खेल आयोजन में पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों के लगभग 200 एथलीटों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार पूरे राज्य में खेल संस्कृति को विकसित करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि शिक्षा का ही एक अभिन्न अंग है। जिस तरह छात्र पढ़ाई में अव्वल आने का प्रयास करते हैं, उसी तरह एथलीटों को भी कड़ी मेहनत करनी चाहिए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे का विकास
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश में ‘खेलो इंडिया’ जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों की मेजबानी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। युवाओं की सुविधा के लिए बिलासपुर, कांगड़ा, ऊना और हमीरपुर जिलों में पहले ही मजबूत खेल बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से खेलों के माध्यम से अनुशासन और टीम वर्क की भावना सीखने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से अपील की कि युवा पीढ़ी नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहे और एक नशामुक्त व स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे।
मेडल विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि में ऐतिहासिक वृद्धि
खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में पदक जीतने वालों के लिए नकद पुरस्कारों में भारी बढ़ोतरी की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक, पैरालिंपिक और शीतकालीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब 3 करोड़ रुपये के बजाय 5 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह अन्य खेलों के लिए भी पुरस्कार राशि को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
खिलाड़ियों के लिए नई पुरस्कार राशि पर एक नजर
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ओलंपिक/पैरालिंपिक (स्वर्ण पदक): 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये।
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एशियाई खेल/पैरा एशियाई खेल (स्वर्ण पदक): 50 लाख से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये।
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कॉमनवेल्थ गेम्स/पैरा कॉमनवेल्थ गेम्स (स्वर्ण पदक): 50 लाख से बढ़ाकर 3 करोड़ रुपये।
नादौन में बनेगा खेलों का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए बताया कि हमीरपुर जिले के नादौन में 150 करोड़ रुपये की लागत से खेलों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (Centre of Excellence) स्थापित किया जा रहा है। इस विश्वस्तरीय संस्थान का निर्माण कार्य इस वर्ष अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इस केंद्र के बनने से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनार्था, युवा सेवाएं एवं खेल निदेशक शिवम प्रताप सिंह, हिमाचल प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव राजेश भंडारी सहित खेल जगत की कई अन्य गणमान्य हस्तियां भी उपस्थित रहीं। इस आयोजन ने शिमला के युवाओं में खेलों के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया है। मुख्यमंत्री के इस बड़े ऐलान को प्रदेश के खेल जगत के लिए एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।